‘न डरें, न घबराएं…तेल और गैस का पूरा भंडार’, मिडिल ईस्ट जंग के बीच सरकार ने जारी किया ताजा अपडेट
India Response On West Asia Conflict: विदेश मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक 4,02,000 भारतीय यात्री क्षेत्र से सुरक्षित लौट चुके हैं। हवाई यातायात की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
- Written By: मनोज आर्या
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अलग-अलग मंत्रालय के अधिकारी, (सोर्स-PIB)
Inter-Ministerial Briefing on West Asia: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता आयोजित की। पेट्रोलियम, विदेश और जहाजरानी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा तौर पर स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) की कोई आवश्यकता नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि घरेलू रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन संकट-पूर्व स्तर की तुलना में बढ़ गया है। सरकार ने राज्यों को कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, जिसमें प्रवासी श्रमिकों और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता दी जा रही है।
कालाबाजारी के खिलाफ छापेमारी
पिछले 24 घंटों में 7,500 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं। प्रमुख शहरों में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में 3,400 छापे मारे गए और 642 FIR दर्ज की गई हैं। अब तक 33 राज्यों ने जिला स्तरीय निगरानी समितियों का गठन कर दिया है। सरकार ने दोहराया कि पेट्रोल-डीजल का स्टॉक पर्याप्त है। खुदरा दुकानों पर भीड़ कम करने के लिए जनता से आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
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भारत के लिए राहत भरी खबर
शिपिंग मंत्रालय ने एक बड़ी राहत भरी खबर देते हुए बताया कि एलपीजी से लदे दो भारतीय जहाज- ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें लगभग 92,000 मीट्रिक टन एलपीजी गैस लदा है, जो जल्द ही न्यू मैंगलोर और कांडला बंदरगाह पहुंचेगा। वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम 24×7 उनकी निगरानी कर रहा है।
4.02 लाख सुरक्षित भारत लौटे
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक 4,02,000 भारतीय यात्री क्षेत्र से सुरक्षित लौट चुके हैं। हवाई यातायात की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। यूएई और कतर से गैर-अनुसूचित उड़ानें जारी हैं। आज अकेले यूएई से 85 उड़ानों की उम्मीद है। कुवैत और बहरीन के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वहां फंसे भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते लाया जा रहा है। इसी तरह, ईरान में मौजूद भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सहायता दी जा रही है। विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और खाड़ी देशों के राजदूतों के साथ ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर गहन चर्चा की है।
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सरकार की आम लोगों से अपील
सरकार ने नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण करने और एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने का अनुरोध किया है। साथ ही, घरेलू उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक साधनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इस प्रेस वार्ता ने स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद, भारत अपनी आंतरिक व्यवस्था और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तरह मुस्तैद है।
