India Argentina Army Joint Military Cooperation: भारत और अर्जेंटीना की सेनाएं सैन्य सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए एक और चुनौतीपूर्ण अभियान पर निकल पड़ी हैं। दोनों देशों के 35 जवानों का संयुक्त पर्वतारोहण दल उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित 7,756 मीटर ऊंची माउंट कामेट को फतह करने के मिशन पर रवाना हो गया है। दल में भारतीय सेना के 25 और अर्जेंटीना की सेना के 10 सैनिक शामिल हैं।
शुक्रवार को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर से लेफ्टिनेंट जनरल अजय रामदेव ने अभियान को हरी झंडी दिखाई। इस अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी कर रहे हैं। माउंट कामेट भारत की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है और इसकी चढ़ाई बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। अत्यधिक ऊंचाई, कम ऑक्सीजन, कठिन बर्फीला भूभाग और तेजी से बदलता मौसम जवानों की परीक्षा लेगा।
गौरतलब है कि यह चोटी भारत की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है। इस चुनौतीपूर्ण अभियान को शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर से लेफ्टिनेंट जनरल अजय रामदेव ने हरी झंडी दिखाई।
वह महानिदेशक एकीकृत प्रशिक्षण और आर्मी सर्विस कोर के कर्नल कमांडेंट हैं। अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी कर रहे हैं। दल में भारतीय सेना के 25 और अर्जेंटीना की सेना के 10 सैनिक शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों का यह संयुक्त पर्वतारोहण माउंट कामेट पर अभियान आसान नहीं होगा। यह पर्वतीय चोटी अत्यधिक ऊंचाई पर है जहां ऑक्सीजन की कमी है। इसके साथ ही पहाड़ी कठिन भूभाग और मौसम में अचानक बदलाव सैनिकों के सामने बड़ी चुनौती होंगे।
अभियान के दौरान उनकी शारीरिक सहनशक्ति, तकनीकी पर्वतारोहण क्षमता और आपसी तालमेल की परीक्षा होगी। सेना के मुताबिक दोनों सेनाओं इससे पहले भी संयुक्त पर्वतारोहण अभियान किया है।
माउंट कामेट अभियान भारत और अर्जेंटीना की सेनाओं के बीच अब यह तीसरा संयुक्त पर्वतारोहण अभियान है। इससे पहले दोनों सेनाओं ने जनवरी 2025 में अर्जेंटीना की माउंट एकोंकागुआ पर संयुक्त चढ़ाई की थी।
इसके बाद अगस्त 2025 में लद्दाख की 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन पर भी संयुक्त अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। अब माउंट कामेट अभियान दोनों देशों की सेनाओं के बीच बढ़ते सैन्य-से-सैन्य सहयोग और पेशेवर संबंधों की अगली कड़ी है।
अभियान को रवाना करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल अजय रामदेव ने कहा कि ऐसे संयुक्त अभियान केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं हैं। इनके जरिए मित्र देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, सौहार्द और पेशेवर समझ मजबूत होती है।
उन्होंने अभियान दल को सफल शिखर आरोहण और सुरक्षित वापसी के लिए शुभकामनाएं दीं। माउंट कामेट की कठिन चढ़ाई अब भारत और अर्जेंटीना के सैनिकों के साहस और कौशल की परीक्षा लेगी। साथ ही, बर्फ से ढकी यह ऊंची चोटी दोनों देशों की सेनाओं के बीच बढ़ती दोस्ती और सहयोग की नई मिसाल भी बनेगी।