

Kal Ka Mausam: उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में मौसम विभाग ने इस सप्ताह छिटपुट से लेकर भारी बारिश और गरज के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है। संभावना जताई गई है कि इस दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और उससे सटे पूर्वी भारत के कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही भारी बारिश और ओलावृष्टि की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
IMD के मुताबिक, देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से आंधी, बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है।
इसके प्रभाव से हिमालयी राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। वहीं पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय है। दक्षिण गंगा बेसिन, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण इन राज्यों में तेज आंधी और वर्षा होने के आसार हैं। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक भी दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी असम के ऊपर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के चलते मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और अगले एक-दो दिनों में मानसून केरल पहुंच सकता है। इसके अलावा 3 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से 3 से 5 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी।