ISRO कितनी ताकतवर है…वर्ल्ड की सबसे पावरफुल स्पेस एजेंसी कौन? टॉप 5 की लिस्ट देखें
World Most Powerful Space Agency: हाल में इसरो का एक मिशन फेल हो गया। इसके बाद यह दुनियाभर में सुर्खियो में है। पिछले 2 साल में इसरो ने कई मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। सबसे पावरफुल नासा है।
- Written By: रंजन कुमार
अलग-अलग मिशन के लिए सैटेलाइट।
Top 5 Space Agency: 77 देशों के पास स्पेस एजेंसियां हैं। इनमें से 16 देशों की स्पेश एजेंसियां रॉकेट लॉन्च की ताकत रखती हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को सोमवार को बड़ी निराशा हाथ लगी। इनका PSLV-C62 अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया। पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) को करीब 8 महीने में यह दूसरा झटका लगा है। PSLV-C62 का उद्देश्य EOS-N1 नामक हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट को स्पेस में भेजना था। उसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने रणनीतिक उद्देश्य के लिए विकसित किया था। यह सैटेलाइट भारत की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाती, जिसका फायदा खेती, शहरी मैपिंग और पर्यावरण ऑब्जर्वेशन के लिए मिलता।
पीएसएलवी-सी62 के ऊपरी चरण में हुई टेक्निकल दिक्कतों की वजह से मिशन फेल हो गया। इससे न सिर्फ इसरो को बड़ा झटका लगा, बल्कि भारत के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है। इसरो दुनिया की उन ताकतवर एजेंसियों में से एक है, जिसने चंद्रयान समेत कई सफल मिशन किए हैं।
NASA सबसे पावरफुल स्पेस एजेंसी
दुनिया की सबसे पावरफुल स्पेस एजेंसी अमेरिका की नासा (NASA) है। इसे 1958 में बनाया गया था। नासा ने अपोलो मिशन से चांद पर इंसान को पहुंचा दिया। हबल टेलीस्कोप से ब्रह्मांड को समझने में सहायता की। मंगल ग्रह पर कई उपलब्धियां हासिल कीं। नासा का हर साल का बजट 25 अरब डॉलर का है। इसे अमेरिकी सरकार आवंटित करती है।
सम्बंधित ख़बरें
ठाणे जिप विद्यालयों के 59 विद्यार्थी इसरो के सफर पर, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का ‘रूरल टू स्पेस’ विज़न
एस्ट्रोनॉट कैसे बनें: पढ़ाई से लेकर ISS तक पहुंचने का पूरा रास्ता
NASA Rover की तस्वीरों में मंगल पर दिखे कीड़े, लाल ग्रह पर जीवन को लेकर छिड़ी नई बहस
19 अप्रैल का इतिहास: भारत का पहला उपग्रह अंतरिक्ष के सफर पर निकला
22 देशों के गठजोड़ से बनी है ESA
यह 22 देशों के गठजोड़ से बनी है। ईएसए का गठन 1975 में हुआ था। तब से यह अंतरिक्ष में यूरोप की ताकत दिखा रही। इस एजेंसी ने रोसेटा मिशन के तहत धूमकेतु पर लैंडर उतारकर इतिहास रचा था। ऐसे ही गैलीलियो सैटेलाइट सिस्टम ने GPS का विकल्प दिया। यूरोपियन स्पेस एजेंसी के पास संसाधनों, वैज्ञानिक दिमागों और टेक्नोलॉजी का भंडार है।
CNSA ने दुनिया को चौंकाया
1993 में चीन में बनाई गई चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) ने अपनी तरक्की से दुनिया को चौंकाया है। चीन की यह स्पेस एजेंसी हर गृह पर झंड़ा गाड़ रही है। चांग ई मिशन से सफलतापूर्वक चांद पर कदम रखा है। तियानगोंग स्पेस स्टेशन और मंगल पर सफलतापूर्वक रोवर उतार दिए। रूस की रोस्कोस्मोस स्पेस एजेंसी दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों में से एक है। इसने सोवियत संघ की अंतरिक्ष अन्वेषण में अहम योगदान दिया। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों के साथ संबंधों में तनाव के चलते रोस्कोस्मोस को 2.1 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इससे उसके रिसर्च पर प्रभाव पड़ा है। रूस रोस्कोस्मोस के लिए हर साल 180 बिलियन रूबल खर्च करता है।
यह भी पढ़ें: अंतरिक्ष से आया बड़ा अपडेट, फेल नहीं हुआ ISRO का PSLV मिशन! KID अब भी भेज रहा Data
ISRO भी टॉप-5 में
दुनिया की टॉप-5 स्पेस एजेंसियों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का भी नाम है। इसने मंगलयान, चंद्रयान सीरीज और अन्य सफलता हासिल की हैं। इसरो के लिए सरकार ने 13,416 करोड़ रुपये आवंटित किया था। यह पिछले साल के 13042 करोड़ रुपये से अधिक है।
