'फैज-ए-इलाही' के बाद 'जामा मस्जिद' का नंबर! HC के आदेश के बाद खलबली, अतिक्रमण के सर्वे के निर्देश

Delhi High Court में एक याचिका दायर कर शाही जामा मस्जिद के गेट नंबर 3, 5 और 7 पर अवैध पार्किंग और कमर्शियल दुकानों को हटाने के निर्देश देने की मांग की गई थी, जिस पर उच्च न्यायालय निर्देश दिए है।
Jama Masjid Encroachment Survey Delhi High Court order MCD
जामा मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण को लेकर सर्वे (फोटो- सोशल मीडिया)
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Jama Masjid Encroachment Survey Delhi High Court order MCD: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई भारी उथल-पुथल और पथराव की घटनाओं की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब ऐतिहासिक जामा मस्जिद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक ऐसा सख्त निर्देश जारी कर दिया है, जिससे अवैध कब्जा करने वालों की नींद उड़नी तय है। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई कार्रवाई के ठीक बाद आए इस फैसले ने पूरे इलाके में हलचल बढ़ा दी है।

दरअसल, फरहत हसन नामक व्यक्ति ने अदालत में एक जनहित याचिका दायर कर जामा मस्जिद के गेट नंबर 3, 5 और 7 की बदहाल स्थिति की ओर इशारा किया था। याचिका में साफ कहा गया है कि इन ऐतिहासिक द्वारों पर अवैध पार्किंग और दुकानों का जाल बिछ गया है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एमसीडी को दो महीने के भीतर पूरे इलाके का सर्वे करने और रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दे दिया है।

क्या सर्वे के बाद गिरेगी गाज?

अदालत ने एमसीडी को स्पष्ट आदेश दिया है कि शाही जामा मस्जिद के आसपास मौजूद पार्क और सार्वजनिक जगहों की गहन जांच की जाए। अगर सर्वे में कोई भी अवैध निर्माण या कब्जा मिलता है, तो कानून के मुताबिक उस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। यह मस्जिद न केवल वक्फ बोर्ड की संपत्ति है, बल्कि एएसआई द्वारा संरक्षित एक अनमोल धरोहर भी है। मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा 1650 में बनवाई गई इस मस्जिद की भव्यता को बचाए रखने के लिए कोर्ट ने व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को भी सुना है। लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बनी यह इमारत देश की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है, लेकिन अतिक्रमण ने इसकी सुंदरता को घेर रखा है।

बीती रात फैज-ए-इलाही मस्जिद

यह आदेश ऐसे समय में आया है जब माहौल पहले से ही बेहद संवेदनशील है। अभी हाल ही में 6 और 7 जनवरी की दरमियानी रात तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास जो हुआ, उसे कोई नहीं भूल सकता। जब कोर्ट के आदेश पर एमसीडी की टीम करीब 30 बुलडोजरों के साथ वहां अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, तो पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया था। स्थानीय लोगों ने जमकर बवाल काटा और पुलिस पर पथराव भी किया। अब जब हाई कोर्ट ने जामा मस्जिद के पास सर्वे और कार्रवाई की बात कही है, तो सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस आदेश का पालन कैसे कराएगा।

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