कॉर्मिशियल LPG (सोर्स-सोशल मीडिया)
Industrial LPG Supply Boost: केंद्र सरकार ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से प्रभावित हुई LPG आपूर्ति को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने औद्योगिक और वाणिज्यिक उपयोग के लिए LPG कोटा को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया है। इस महत्वपूर्ण कदम का मुख्य उद्देश्य देश के औद्योगिक उत्पादन को गति देना और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
सरकार ने गैर-घरेलू LPG के आवंटन में महत्वपूर्ण वृद्धि करते हुए इसे अब कुल 70 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब तक उद्योगों को संकट से पहले के स्तर का केवल 50 प्रतिशत कोटा ही मिल पा रहा था जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
इस नए फैसले के तहत स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और केमिकल जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को LPG आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा प्लास्टिक और डाई जैसे क्षेत्रों को भी इस बढ़ी हुई आपूर्ति का सीधा लाभ मिलने वाला है। यह उन उद्योगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जहां उत्पादन के लिए LPG का उपयोग अनिवार्य है और विकल्प मौजूद नहीं हैं।
कुल 70 प्रतिशत आवंटन में से 10 प्रतिशत हिस्सा उन राज्यों के लिए आरक्षित किया गया है जो पीएनजी वितरण को बढ़ावा देंगे। जो राज्य पाइपलाइन नेचुरल गैस के बुनियादी ढांचे में आवश्यक सुधार लागू करेंगे, उन्हें इस अतिरिक्त कोटे का लाभ दिया जाएगा। मंत्रालय ने राज्यों से नेचुरल गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश 2026 को सभी संबंधित विभागों तक पहुंचाने की अपील की है।
इस सरकारी फैसले से औद्योगिक गतिविधियों में आ रही सभी बाधाएं काफी हद तक कम होने की संभावना जताई गई है। LPG की उपलब्धता बढ़ने से कारखानों में उत्पादन की गति तेज होगी और बाजार में वस्तुओं की मांग पूरी हो सकेगी। सप्लाई चेन में सुधार होने से औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के रोजगार पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG की सप्लाई काफी बाधित हुई है। इसी वैश्विक संकट को भांपते हुए भारत सरकार ने घरेलू और औद्योगिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। सरकार का लक्ष्य है कि वैश्विक अस्थिरता का असर देश की अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती पर बिल्कुल न पड़े।