पीएम मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज
India Germany Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान भारत-जर्मनी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। यह बैठक दोनों देशों के बीच 25 साल पुरानी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करने और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के मकसद से आयोजित की गई। बातचीत में व्यापार और निवेश, तकनीक, शिक्षा, स्किल और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। इसके अलावा रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, हरित विकास और लोगों के बीच संपर्क जैसे अहम मुद्दों पर भी साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं और दोनों देश इस क्षेत्र में मिलकर तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समय लगभग 2,000 जर्मन कंपनियां भारत में काम कर रही हैं, जो देश के कारोबारी माहौल में बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कॉलेज खोलने का निमंत्रण देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जर्मनी में करीब 50 हजार भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत लोगों-से-लोगों के संबंधों को दिखाता है।
भारत और जर्मनी के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में आपसी सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए ट्रेड डील समेत कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर, द्विपक्षीय अर्थव्यवस्था, ग्रीन अमोनिया से जुड़ी तकनीक और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर समझौतों का आदान-प्रदान हुआ।
बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच यह मुलाकात द्विपक्षीय रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाली है। उन्होंने कहा कि ये समझौते भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 50 बिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है, जो आर्थिक साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।
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इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव’ में भी शामिल हुए थे। उनका स्वागत पारंपरिक गुजराती स्कार्फ और उत्सव के माहौल में किया गया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और लोक संगीत के जरिए जर्मन चांसलर का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने पतंग उड़ाकर इस सांस्कृतिक उत्सव का आनंद लिया।