जनरल एमएम नरवणे व एसपी वैद (सोर्स- सोशल मीडिया)
General Manoj Mukund Naravane: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले दो दिनों से पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों पर आधारित एक लेख का हवाला देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं। यह सोमवार को शुरू हुआ और मंगलवार को भी जारी रहा जिससे सदन की कार्यवाही में बाधा आई।
मंगलवार को उन्होंने लोकसभा में चीन के साथ सैन्य टकराव का मुद्दा फिर से उठाने की कोशिश की, जिससे सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ। इस हंगामे और विवाद के बीच जम्मू और कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने जनरल नरवणे को सलाह देते हुए एक कड़ा बयान जारी किया।
पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे को सलाह देते हुए लिखा कि जनरल एमएम नरवणे को बेहतर समझदारी दिखानी चाहिए थी। वर्दीधारी सैनिकों के पास जो कुछ भी होता है वह उनके साथ कब्र तक जाना चाहिए। अगर हर कोई इन बातों के बारे में बात करने लगेगा तो सरकारें कांप जाएंगी।
Former Army Chief, General M. M. Naravane, should have known better. Much of what men in uniform carry is meant to go with us to the grave. If everyone began talking, governments would tremble. — Shesh Paul Vaid (@spvaid) February 2, 2026
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने मंगलवार को नरवणे की किताब पर आधारित लेख को सदन की मेज पर रखा और इसके सत्यापन की मांग की। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि इसका सत्यापन किया जाए, मैं इसे मेज पर रख रहा हूं। कांग्रेस नेता ने लेख का हवाला देते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दा है, जो चीन और पाकिस्तान से संबंधित है और राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक बड़ा हिस्सा है।
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जब अध्यक्ष पहले ही फैसला दे चुके हैं, तो विपक्ष के नेता को उस विषय का जिक्र नहीं करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के साथ हुई एक बैठक का जिक्र किया, जिसके बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आश्चर्य व्यक्त किया और सवाल किया कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब के बारे में बोलने से क्यों रोका गया। उन्होंने पूछा कि इस किताब में ऐसा क्या है जिससे मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री इतने घबराए हुए हैं।
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उन्होंने पूछा कि पूर्व सेना प्रमुख की किताब में ऐसा क्या लिखा था जिससे मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री इतने घबराए हुए थे। उनकी किताब को प्रकाशित होने से कौन रोक रहा है? पूरा देश जानता है कि बीजेपी का राष्ट्रवाद नकली है। वे देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन 2020 में गलवान में हमारे 20 सैनिकों की शहादत के बाद, मोदी ने खुद चीन को क्लीन चिट दे दी। क्या यह सच नहीं है?