Gen Z ने सिखाया विश्वगुरु का मतलब...धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर गीतांजलि अंगमो ने युवाओं की जमकर की तारीफ

Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने Gen Z की सराहना की है। वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है।
Gen Z has taught the meaning of 'Vishwaguru'... Gitanjali Angmo heaps praise on the youth following Dharmendra Pradhan's resignation.
गीतांजलि जे अंगमो और सोनम वांगचुक (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Geetanjali J Angmo On Students Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने कहा कि अगर किसी ने यह दिखाया है कि भारत के 'विश्वगुरु' होने का क्या मतलब है, तो वह हमारी 'जेन जी' पीढ़ी है। गीतांजलि जे. अंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जेन जी ने सनातन धर्म को सिर्फ उपदेशों में नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी में अपनाया है।

बिना नफरत के साहस, बिना हिंसा के मजबूती और बिना आंख मूंदकर माने देशभक्ति, दुनियाभर के अपने हमउम्र युवाओं के उलट उन्होंने दिखाया है कि आप अपने ही देश को जलाए बिना अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े हो सकते हैं। शायद अब समय आ गया है कि हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी इन युवा भारतीयों से हिंदू धर्म, राष्ट्रवाद, और 'विश्वगुरु' होने के असली मतलब के बारे में कुछ सीखे।

सोनम वांगचुक ने बताया लोकतंत्र की जीत

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह लोकतंत्र की जीत है। सीधे सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), देश की जेन जी जेनरेशन और उन सभी नागरिकों को बधाई, जिन्होंने डर और डर के माहौल से ऊपर उठकर देश के हर कोने से अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने आगे लिखा कि अब जवाबदेही के बाद सुधारों की बारी है।

वांगचुक की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहे थे और जंतर-मंतर पर भी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में आंदोलन जारी था।

धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रसेवा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने एक्स पर जारी लंबे संदेश में कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं तथा युवाओं की आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का हमेशा सम्मान करते रहे हैं।

कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में परीक्षा कराने का लिया निर्णय

उन्होंने आगे लिखा कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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