‘क्यों नहीं था युद्ध का मकसद?’, सीजफायर व भारत-पाक संघर्ष पर गोगोई के तीखे सवाल
Debate on Operation Sindoor: लोकसभा में गौरव गोगोई ने ऑपरेशन सिंदूर से लेकर सीजफायर तक पर सरकार से तीखे सवाल पूछे। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारा मकसद युद्ध नहीं था। इस पर गोगोई ने क्यों नहीं था।
- Written By: Saurabh Pal
राजनाथ सिंह, गौरव गोगोई (फोटो-सोशल मीडिया)
Gaurav Gogoi on Operation Sindoor: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोमवार को लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार को कड़े सवालों के कटघरे में खड़ा किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बोलने के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने तीखा हमला बोला और सरकार की नीति, रणनीति और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि हमारे देश की सीमा में चौकसी के बाद आतंकवादी कैसे घुस आए।
गौरव गोगोई ने सबसे पहले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि जब खुफिया तंत्र और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं, तो आतंकी सीमा पार करके भारत में कैसे दाखिल हो गए? उन्होंने कहा कि सरकार को इस हमले की पृष्ठभूमि और चूक के कारणों को जनता के सामने लाना चाहिए।
2016 की बातें फिर दोहरा रही सरकार
गोगोई ने कटाक्ष करते हुए कहा कि 2016 में उरी हमले के बाद जो बातें सरकार ने कही थीं, वही आज फिर दोहराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के बाद भी सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया की बात कही थी, लेकिन फिर पाकिस्तान को किस आधार पर बख्शा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर बार चुनावी मौसम में राष्ट्रीय सुरक्षा को राजनीतिक मुद्दा बना देती है, पर असली जवाबदेही से बचती है।
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रक्षा मंत्री से पूछा- युद्ध मकसद क्यों नहीं
रक्षा मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य युद्ध नहीं था। तो फिर हमारा उद्देश्य क्या था? पाकिस्तान बार-बार हमारे देश में घुसपैठ कराता है, नागरिकों और जवानों की जान लेता है, और हम सिर्फ जवाबी कार्रवाई करके संतुष्ट हो जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पाकिस्तान पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में आतंकियों को पनाह दे रहा है, तो क्या हमें उसे वापस नहीं लेना चाहिए..?
सीजफायर पर 26 बार बोल चुके ट्रंपः गोगोई
गौरव गोगोई ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि “ट्रंप 26 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच सीजफायर करवाया। क्या सरकार यह स्वीकार करती है कि भारत की संप्रभुता पर विदेशी ताकतों का हस्तक्षेप हो रहा है?” उन्होंने यह भी पूछा कि जब भारत के लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुंचा, तब सरकार ने इन नुकसानों का सार्वजनिक ब्योरा क्यों नहीं दिया?
गोगोई ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर पाकिस्तान वाकई घुटनों के बल आ चुका था, तो फिर भारत ने किसके सामने सरेंडर किया..? सीजफायर क्यों किया गया..? सरकार को बताना चाहिए कि उसके पास क्या रणनीति थी और क्या लक्ष्य हासिल किया गया।”
प्रधानमंत्री संसद में उपस्थित होकर दें जवाब
गौरव गोगोई ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में उपस्थित होकर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आतंकी हमले और जवाबी सैन्य कार्रवाई के बाद यह जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की बनती है कि वे खुद सदन में स्पष्ट बयान दें। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पारदर्शिता से परहेज कर रही है।
