नए पोप के लिए भारत से भी होगी वोटिंग! सिर्फ ये चार लोग करेंगे मतदान, कैसे होगा चुनाव?
Pope News: 22 जनवरी 2025 तक कॉन्क्लेव के नियमों के अनुसार, कॉलेज ऑफ कार्डिनल्स में फिलहाल 252 कॉर्डिनल्स हैं। 252 कार्डिनल्स में से सिर्फ 138 ही वोट दे सकेंगे।
- Written By: अर्पित शुक्ला
नए पोप के लिए भारत से भी होगी वोटिंग! सिर्फ ये चार लोग करेंगे मतदान, कैसे होगा चुनाव?
इंटरनेशनल डेस्क: आज 21 अप्रैल को ईस्टर सोमवार को पोप फ्रांसिस का 88 वर्ष की आयु में वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित निवास पर निधन हो गया। पोप फ्रांसिस फरवरी 2025 से लंबी बीमारी से जूझ रहे थे। इसकी घोषणा वेटिकन केमरलेंगो कार्डिनल केविन फेरेल ने की। फेरेल ने अपनी घोषणा में कहा कि आज सुबह 7:35 बजे, रोम के बिशप फ्रांसिस पिता के घर लौट आए। उनका पूरा जीवन प्रभु और उनके चर्च की सेवा के लिए समर्पित था।
17 दिसंबर, 1936 को ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना में जन्मे जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो, पोप फ्रांसिस पहले जेसुइट पोप थे, जो अमेरिका और दक्षिणी गोलार्ध से पहले हैं, और 8वीं शताब्दी में ग्रेगरी III के बाद पहले गैर-यूरोपीय पोप थे। 1958 में एक गंभीर बीमारी से उबरने के बाद जेसुइट्स में शामिल होने के लिए प्रेरित हुए, बाद में 2013 में पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफे के बाद वे कैथोलिक चर्च का नेतृत्व करने के लिए आगे बढ़े। अब अगला पोप कौन होगा इसके लिए मतदान होगा।
भारत के कार्डिनल भी करेंगे मतदान
गोवा और दमन के आर्कबिशप फिलिप नेरी कार्डिनल फेराओ ने सोमवार को कहा कि वह ‘होली फादर’ पोप फ्रांसिस के निधन से बहुत दुखी हैं जिन्होंने ‘शांति, अंतर-धार्मिक संवाद, सामाजिक न्याय और सृष्टि की देखभाल को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास किये। फेराओ उन ‘कार्डिनल’ (पादरी पदानुक्रम में एक पद) में शामिल हैं जो नए पोप के लिए मतदान करेंगे।
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कौन लोग करेंगे मतदान?
केवल 80 वर्ष से कम आयु के ‘कार्डिनल’ ही मतदान के पात्र हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार मतदाताओं की संख्या 120 तक सीमित है। हाल में अद्यतन किए गए वेटिकन के आंकड़ों के अनुसार, 80 वर्ष से कम आयु के 135 ‘कार्डिनल’ मतदान के पात्र हैं। वैसे सम्मेलन शुरू होने से पहले यह संख्या बदल सकती है। आर्कबिशप फेराओ ने कहा, ‘‘चर्च को एक ऐसे धर्मसभा समुदाय में रूपांतरित करने की उनकी दृष्टि ने सभी स्तरों पर चर्च पर एक अमिट छाप छोड़ी है जो सुनता हो, समझता हो, समावेशन को अपनाता हो।”
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मीडिया को जारी संदेश में आर्कबिशप ने कहा कि चर्च के प्रति पोप फ्रांसिस की अटूट प्रतिबद्धता तथा शांति, अंतर-धार्मिक संवाद, सामाजिक न्याय और सृष्टि की देखभाल के लिए उनके प्रयासों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा और उनका सम्मान किया जाएगा।
