टैरिफ नया खेल है…स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी चुनाव तक! पूर्व CJI DY चंद्रचूड़ ने बताए बड़े खतरे
Former CJI DY Chandrachud Speech: पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने टैरिफ, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ और युवाओं पर इंटरनेट कंटेंट के खतरे पर चिंता जताई। साथ ही उन्होंने टैरिफ के मायने समझाए।
- Written By: प्रिया जैस
पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Former CJI Strait of Hormuz Impact: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के ‘लेन-देन’ स्वरूप पर सवाल उठाए और इंटरनेट और डिजिटल सुरक्षा के प्रति एक बड़ी चेतावनी भी दी। पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने डिजिटल युग में युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की।
दिल्ली में 32वें लाल बहादुर शास्त्री स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा, हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में हुए युद्ध से हमें यह पता चलता है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में जो कुछ भी होता है, उसका संभावित असर न केवल भारत और इंडोनेशिया के ऊर्जा बाज़ारों पर पड़ सकता है, बल्कि नवंबर में अमेरिका में होने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा यह उस वैश्विक जुड़ाव का ही असर है, जिसे हम सभी साझा करते हैं। यह एक ऐसे विश्व का संकेत है जो अपनी अपेक्षाओं को कम कर रहा है, और एक अनिश्चित माहौल में अधिक सावधानी के साथ आगे बढ़ना सीख रहा है। हमने लेन-देन की नैतिकता पर आधारित एक सभ्यता का निर्माण किया है।
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टैरिफ क्या हैं?
पूर्व मुख्य न्यायाधीश CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ ने टैरिफ के मायने समझाते हुए कहा टैरिफ क्या है? टैरिफ पूरी तरह से लेन-देन की नैतिकता से ही जुड़े हैं। अगर आप रूसी तेल खरीदना बंद कर देंगे, तो मैं आपके टैरिफ कम कर दूंगा। अगर आप ऐसा करेंगे, तो मैं 100% टैरिफ लगा दूंगा। टैरिफ, लेन-देन की नैतिकता वाले इस नए खेल का ही एक हिस्सा हैं।
#WATCH | Delhi: Speaking as the Chief Guest at the 32nd Lal Bahadur Shastri Memorial Lecture, Former Chief Justice of India D Y Chandrachud says, “War, as recently as in the Gulf, tells us that what happens in the Strait of Hormuz can have a possible impact not only on energy… pic.twitter.com/5iizfoP3hd — ANI (@ANI) April 25, 2026
इस तरह, हमने लेन-देन की नैतिकता पर आधारित एक सभ्यता का निर्माण कर लिया है। यदि हममें से प्रत्येक नागरिक यह कहता है कि मैं तभी ईमानदार रहूंगा जब ईमानदारी से मुझे फ़ायदा होगा; मैं तभी कानून का पालन करूंगा जब कोई मुझ पर नज़र रख रहा होगा; और मैं तभी न्याय करूंगा जब न्याय से मुझे लाभ मिलेगा तो यह नैतिकता नहीं है। यह तो विशुद्ध रूप से व्यापार है।
शास्त्री जी का उदाहरण देते हुए पूर्व सीजेआई ने बताया शास्त्री जी ने बिना किसी के कहे, बिना किसी इनाम की चाहत के और बिना किसी राजनीतिक लाभ की अपेक्षा के, सत्ता से इस्तीफ़ा दे दिया था। उनका जीवन हम पर यह कर्तव्य डालता है कि हम हमेशा सही कार्य करें भले ही उसके लिए हमें अपना सब कुछ क्यों न गंवाना पड़े।
लाल बहादुर शास्त्री के काम से प्रेरित पीढ़ित
पूर्व CJI DY चंद्रचूड़ ने कहा, मुझे याद है कि मैं जिस तरह से उन्होंने (लाल बहादुर शास्त्री) खुद को संभाला, उससे और सबसे बढ़कर उस नारे से बहुत ज़्यादा प्रभावित हुआ था, जो उन्होंने अपने दिल की गहराइयों से दिया था – ‘जय जवान, जय किसान’। जब उन्होंने बागडोर संभाली, तब भारत के लिए वे बहुत मुश्किल भरे दिन थे।
#WATCH | Delhi | Former CJI DY Chandrachud says, “I remember being very deeply impressed by the way he (Lal Bahadur Shastri) conducted himself and above all by the slogan which he coined from the bottom of his heart, which was ‘Jai Jawan Jai Kisan’. Those were very difficult… pic.twitter.com/IpJt8kjEzQ — ANI (@ANI) April 25, 2026
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1965 में हमारा युद्ध हुआ था, और उन दिनों हम खाने के सामान की भारी कमी का सामना कर रहे थे। उन्होंने नैतिक नेतृत्व की नींव रखी। वे न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की इंसानियत के लिए एक रोशनी की तरह थे। हर पीढ़ी लाल बहादुर शास्त्री के काम और उनके जीवन से बहुत ज़्यादा प्रेरित हुई है।
युवाओं के लिए जताई चिंता
वे आगे कहते हैं यह बहुत ज़रूरी है कि अगर हमें अपने युवाओं को बचाना है, और अगर हमें समाज में दिख रही लैंगिक हिंसा से महिलाओं को बचाना है, अगर हमें देश के भविष्य को बचाना है, तो ऐसा कानून होना चाहिए जो इस बात पर कुछ रोक लगा सके कि इंटरनेट पर क्या दिखाया जा सकता है। युवाओं को यौन हिंसा और पोर्नोग्राफ़ी का सामना करना पड़ रहा है, और अब समय आ गया है कि हम एक देश के तौर पर इसमें दखल दें। मुझे पूरा यकीन है कि कानून बनाने वाले इस बारे में बहुत गंभीरता से सोचेंगे और हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाएंगे।
