बिहार SIR में बहुत बड़ा खुलासा, नेपाल-बांग्लादेश के लोगों के पास मिले आधार कार्ड

Bihar SIR drive election commission alert: बिहार में विदेशी नागरिकों के पास बड़ी संख्या में वोटर ID मिलने पर चुनाव आयोग सतर्क हुआ. आयोग ने लिस्ट से विदेशी नागरिकों के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
90% लोगों ने भरे फॉर्म, 35 लाख से ज्यादा गायब, कहां तक पहुंचा बिहार SIR का काम?
चुनाव आयोग(File Photo)
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Bihar SIR News: निर्वाचन आयोग के क्षेत्रीय अधिकारियों ने बिहार में मतदाता सूची के जारी के गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत घर-घर जाकर जांच की गई। इस दौरान ‘‘बड़ी संख्या में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमा'' के लोग मिले हैं। यहां तक की इनके पास आधार कार्ड भी है। अधिकारियों ने रविवार को ये जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि उचित जांच के बाद 30 सितंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में अवैध प्रवासियों के नाम शामिल नहीं किए जाएंगे।

रिपोर्ट का हवाला देते हुए, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि घर-घर जाकर की गई जांच के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों को ‘‘बड़ी संख्या में'' नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमा के लोग मिले हैं। निर्वाचन आयोग अंततः पूरे भारत में मतदाता सूचियों का एक विशेष गहन पुनरीक्षण करेगा ताकि विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्मस्थान की जांच करके उन्हें बाहर निकाला जा सके।

क्या कहा चुनाव आयोग ने?

राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होंगे। न्यूज एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि 1 अगस्त से 30 अगस्त तक की जाने वाली उचित जांच के बाद, यदि ये सही पाया जाता है, तो ऐसे नामों को 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग ( ईसीआई ) ने कहा कि शनिवार शाम तक बिहार में 80.11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा कर दिए हैं। आयोग निर्धारित समय 25 जुलाई से पहले गणना फॉर्म (ईएफ) का संग्रह पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहा है।

25 जुलाई तक पूरा होगा SIR

ईसीआई ने कहा, "77,895 बीएलओ और जमीनी स्तर पर 20,603 नए नियुक्त बीएलओ के साथ, आयोग 25 जुलाई 2025 की निर्धारित समय सीमा से पहले गणना फॉर्म (EF) का संग्रह पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहा है। इस उद्देश्य के लिए सीईओ द्वारा सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में 38 जिला चुनाव अधिकारियों (DEO), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) और 963 सहायक ईआरओ (AERO) सहित फील्ड स्तरीय टीमों की बारीकी से निगरानी की जा रही है। "

बिहार में इसी साल चुनाव होने वाले हैं, जबकि अन्य पांच राज्यों असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। हाल में विभिन्न राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमा सहित अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के बाद यह कदम खास महत्व रखता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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