मणिपुर में पुलिसकर्मियों पर हमला, एक युवक के अपहरण का आरोप; मैतेई संगठन के पांच सदस्य गिरफ्तार
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में दो पुलिसकर्मियों पर हमले और इंफाल वेस्ट में एक व्यक्ति के अपहरण के आरोप में मैतेई संगठन अरम्बाई तेंगोल के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
- Written By: मनोज आर्या
प्रतीकात्मक तस्वीर- (मणिपुर पुलिस)
इंफाल: देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हिंसा की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं।अब बिष्णुपुर जिले में दो पुलिसकर्मियों पर कथित हमले और इंफाल वेस्ट में एक व्यक्ति के अपहरण के आरोप में मेइती संगठन अरम्बाई तेंगोल के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इंफाल वेस्ट जिले के पाओबिटेक मयाई लीकाई क्षेत्र में चेसम अब्दुल कादर के अपहरण के सिलसिले में रविवार को संगठन के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
घटना की जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को जिले की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि व्यक्ति के अपहरण में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस पर हमला करने का आरोप
आपको बताते चलें कि मेइती संगठन के एक अन्य सदस्य को 12 जून को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक पुलिसकर्मी पर हमला करने के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। दोनों पुलिसकर्मी नौ जून को उस समय घायल हो गए थे जब वे बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल बाजार में अरम्बाई तेंगोल द्वारा आहूत बंद का समर्थन करने आए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने का प्रयास कर रहे थे। इस मामले के सिलसिले में संगठन के एक और सदस्य को 13 जून को गिरफ्तार किया गया था।मणिपुर में हाल में विरोध प्रदर्शन हुए थे और इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया और इंफाल घाटी के कई जिलों में सुरक्षा बलों के साथ झड़प की। प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए अरम्बाई तेंगोल नेता कानन सिंह और चार अन्य की बिना शर्त रिहाई की मांग कर रहे थे।
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जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोगों की मौत
पुलिस ने सभी से विशेषकर युवाओं से गैरकानूनी और असामाजिक गतिविधियों में शामिल न होने का आग्रह किया था और कहा था कि ऐसे व्यवहार में शामिल होने के कानूनी परिणाम हो सकते हैं जो किसी के भविष्य और करियर की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। गौरतलब है कि मई 2023 से मेइती और कुकी- दो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
एजेंसी इनपुट के साथ-
