पहले पटनायक फिर नीतीश और अब ममता… 2020 के पावर लंच के बाद हुए बड़े उलटफेर? फिर चर्चा में सालों पुरानी तस्वीर

Indian Politics: तकरीबन पांच साल पहले भुवनेश्वर स्थित नवीन निवास में एक ऐसी तस्वीर खींची गई थी, जिसे उस समय महज एक औपचारिक मुलाकात माना गया। लेकिन आज वही तस्वीर फिर चर्चा में है। जानिए क्यों-
power lunch 2020 amit shah mamata and navin pattnaik
साल 2020 में लंच करते अमिल शाह, ममता बनर्जी, नवीन पटनायक, नीतीश कुमार और धर्मेंद्र प्रधान, फोटो- सोशल मीडिया
Updated on

Power Lunch 2020 Viral Image: साल 2020 के एक लंच टेबल की तस्वीर में एक साथ बैठे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की एक तस्वीर चर्चा में रही थी। विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर उस मुलाकात की तस्वीर चर्चा में आ गई है।

यह मुलाकात फरवरी 2020 में ईस्टर्न जोनल काउंसिल की बैठक के बाद हुई थी। नवीन पटनायक ने अपने आवास पर इन नेताओं के लिए खास लंच का आयोजन किया था, जहां ओड़िया व्यंजन परोसे गए। उस दौर में CAA, NRC और NPR जैसे मुद्दों पर देश की राजनीति गरम थी। खासकर ममता बनर्जी और अमित शाह के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट खुलकर सामने आ रही थी।

उस तस्वीर के बाद बदला पूर्वी भारत का राजनीतिक नक्शा

इस बैठक के बाद पूर्वी भारत के तीन बड़े राज्यों- ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव हुए। और इन चुनावों ने राजनीति की दिशा पूरी तरह से बदल दी। सबसे बड़ा बदलाव ओडिशा में देखने को मिला। करीब 24 साल तक सत्ता में रहने वाले नवीन पटनायक की सरकार 2024 विधानसभा चुनाव में हार गई और पहली बार बीजेपी ने राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। चुनाव नतीजों के बाद नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं, उन्हें कांताबांजी सीट से व्यक्तिगत हार का भी सामना करना पड़ा जो उनके लंबे राजनीतिक करियर की पहली चुनावी हार थी। ओडिशा की राजनीति में बीजेपी की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे कई वजहें गिनाई गईं, लेकिन राजनीतिक हलकों में धर्मेंद्र प्रधान की रणनीतिक भूमिका की भी खूब चर्चा हुई। उन्हें लंबे समय से पूर्वी भारत में बीजेपी के सबसे अहम चेहरों में गिना जाता रहा है।

बिहार में बदले समीकरण

बिहार की राजनीति भी इस दौरान लगातार करवट लेती रही। नीतीश कुमार ने महागठबंधन और NDA के बीच कई बार राजनीतिक पाला बदला। जिस दौर में यह तस्वीर खींची गई थी, उस समय नीतीश कुमार बीजेपी के साथ थे, लेकिन बाद के सालों में उन्होंने विपक्षी गठबंधन का साथ भी लिया और फिर NDA में वापसी भी की। हालांकि बिहार में सत्ता पूरी तरह नहीं बदली, लेकिन राज्य की राजनीति का केंद्र धीरे-धीरे बदलता गया। बीजेपी ने राज्य में अपनी पकड़ मजबूत की और नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कोशिशें तेज हुईं। साल 2026 में बिहार में पहली बार भाजपा का सीएम चुना गया और नीतीश कुमार को दूसरी जिम्मेदारियां दी गईं।

बंगाल में लड़ी गई सबसे लंबी और तीखी लड़ाई

अगर सबसे तीखी राजनीतिक लड़ाई कहीं हुई, तो वह पश्चिम बंगाल था। 2021 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी। चुनाव प्रचार की कमान खुद अमित शाह ने संभाली। दूसरी तरफ ममता बनर्जी ने आक्रामक चुनावी अभियान चलाया और तीसरी बार सत्ता में वापसी कर ली। लेकिन इसके बाद बंगाल की राजनीति तेजी से बदली। बीजेपी ने लगातार संगठन विस्तार किया और 2026 के विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए सत्ता हासिल कर ली। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुना लिया गया। दिलचस्प बात यह रही कि सुवेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने पहले नंदीग्राम में और बाद में भवानीपुर में ममता बनर्जी को चुनावी चुनौती दी। इस तरह ममता बनर्जी को भी सीएम की कुर्सी से उतार दिया गया।

अब फिर क्यों वायरल हो रही है यह तस्वीर?

अब जब पूर्वी भारत की राजनीति पूरी तरह बदल चुकी है, तब 2020 की यह तस्वीर एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग इसे महज एक लंच मीटिंग नहीं, बल्कि उस दौर की राजनीति के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं। उस एक टेबल पर बैठे नेता बाद के वर्षों में एक-दूसरे के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बने। समय के साथ-साथ इन सभी नेताओं को या तो सीएम की कुर्सी से हटाया गया या फिर सत्ता को उलट दिया गया। दिलचस्प बात यह भी है कि तस्वीर में मौजूद लगभग हर नेता के राजनीतिक सफर में इसके बाद बड़ा मोड़ आया- कहीं सत्ता गई, कहीं समीकरण बदले और कहीं पूरी राजनीतिक जमीन ही बदल गई।

Navbharat Live
navbharatlive.com