किसानों पर आई आफत, बेमौसम बरसात से देश में 5.23 लाख हेक्टेयर गेहूं की फसल बर्बाद
- Written By: सूर्यकांत तिवारी
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नई दिल्ली: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि (Unseasonal rains and hailstorm) और तेज हवा ने तीन राज्यों में 5.23 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गेहूं की फसल को प्रभावित किया है। इससे किसानों के लिए उपज के भारी नुकसान और कटाई का संकट पैदा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम (bad weather) के कारण तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में लगभग 5.23 लाख हेक्टेयर गेहूं (Wheat) की फसल खराब होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा में गेहूं की फसल को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस साल गेहूं का रकबा करीब 34 लाख हेक्टेयर है।
केंद्रीय कृषि सचिव मनोज आहूजा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि केंद्र पिछले दो से तीन दिन में हुई बेमौसम बरसात के कारण गेहूं और अन्य रबी फसलों को हुए नुकसान की सोमवार को राज्य सरकारों के साथ समीक्षा करेगा। गेहूं एक प्रमुख रबी (सर्दियों) फसल है। बेमौसम बारिश ऐसे समय में आई है जब फसल कटाई के लिए लगभग तैयार थी। पिछले दो सप्ताह से प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों… पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवा के साथ बेमौसम बारिश हुई है। इसके अभी कुछ और दिन तक जारी रहने के आसार हैं।
पंजाब में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल में औसतन 50 प्रतिशत उपज का नुकसान होगा।अधिकारियों की माने तो अगर बारिश अधिक दिन तक जारी रही, तो फसल पूरी तरह से ‘डूब’ जाएगी। उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, राज्य में हाल में हुई बेमौसम बारिश से 35,000 हेक्टेयर से अधिक गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान राज्य के नौ जिलों आगरा, बरेली, चंदौली, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर, प्रयागराज, उन्नाव और वाराणसी में हुआ है। राहत आयुक्त प्रभु एन सिंह ने कहा, ‘‘करीब 1.25 लाख गेहूं किसान बारिश से प्रभावित हुए हैं। नुकसान के आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं। अबतक इनमें से 43,142 किसानों की जानकारी हमारी प्रणाली में आ चुकी है।”
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उन्होंने कहा कि आंकड़े जुटने के बाद प्रभावित किसानों की मदद की जाएगी। इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के कृषि मंत्री जे पी दलाल ने संबंधित अधिकारियों को फसल नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी का निर्देश दिया है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वैज्ञानिक राजबीर यादव के अनुसार, ‘‘ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में गेहूं की फसल का नुकसान निश्चित है। नुकसान की सीमा का पता तभी लगाया जा सकता है जब किसान अपनी उपज मंडियों में पहुंचाएंगे। (एजेंसी)
