इथियोपिया में फटा ज्वालामुखी, काली राख का जहरीला गुबार पहुंचा भारत, DGCA ने जारी किया SIGMET अलर्ट

Ethiopia के Hayli Gubbi ज्वालामुखी में विस्फोट हो गया है। विस्फोट से निकली राख ओमान-अरब सागर होते हुए भारतीय हवाई क्षेत्र तक पहुंची है। इसके चलते DGCA ने उड़ानों के लिए SIGMET अलर्ट जारी किया है।
Ethiopia Volcano
धधक उठा इथियोपिया ज्वालामुखी, फोटो- सोशल मीडिया
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Ethiopia Volcano: इथियोपिया के हेयली गुब्बी (Hayli Gubbi) ज्वालामुखी में 23 नवंबर को हुए विस्फोट के बाद उठी ज्वालामुखीय राख अब ओमान और अरब सागर होते हुए भारतीय हवाई क्षेत्र तक पहुंच गई है। यह राख लगभग 30,000–35,000 फीट की ऊंचाई पर तैर रही है। विमानों के लिए खतरनाक इस स्थिति को देखते हुए DGCA ने SIGMET चेतावनी जारी की है।

इथियोपिया के हेयली गुब्बी ज्वालामुखी से निकला काला गुबार भारत के आसमान तक पहुंच गया है। इसकी वजह से कई उड़ानें रद्द की गई हैं। ये राख राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत उत्तरी भारत में तेजी से फैल रही है। गनीमत है कि काफी ज्यादा ऊंचाई पर होने के कारण इसका सीधा असर कम है।

ओमान और अरब सागर होते हुए भारत पहुंची राख

इथियोपिया के हेयली गुब्बी ज्वालामुखी में अचानक हुए विस्फोट के बाद बड़ी मात्रा में Volcanic Ash यानि ज्वालामुखी की राख आसमान में कई किलोमीटर ऊपर उठ गई थी। हवा का रुख गल्फ देशों की तरफ होने के कारण, राख का यह बादल लगभग 30,000-35,000 फीट की ऊंचाई तक गया और ओमान तथा अरब सागर की दिशा में उड़ता गया। 24 नवंबर तक यह राख हवा के साथ बहकर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत के एयर-रूट्स के पास से गुजर रही थी।

जोधपुर और जैसलमेर में भारत में हुआ दाखिल

इंडिया मेट स्काई वेदर अलर्ट के अनुसार, राख का यह गुबार जोधपुर और जैसलमेर की तरफ से भारत में दाखिल हुआ है। अब यह उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ रहा है और राजस्थान, हरियाणा, और दिल्ली के ऊपर फैल चुका है। रात तक इसके पंजाब और पहाड़ी इलाकों तक पहुंचने की संभावना है।

विमानों के लिए Volcanic Ash क्यों है खतरनाक?

Volcanic Ash (ज्वालामुखी की राख) विमानों के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है क्योंकि इससे कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

volcanic ash

DGCA ने जारी किया SIGMET अलर्ट, उड़ानों पर असर

ऐसी स्थिति को देखते हुए, दिल्ली और मुंबई के Met Watch Office ने Significant Meteorological Information (SIGMET) जारी किया है। DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने सभी एयरलाइंस को अलर्ट करते हुए निर्देश दिए हैं:

• एयरलाइंस को रूट बदलने और उड़ान की ऊंचाई (FL250–FL350) से दूर रहने के लिए कहा गया है।

• प्रभावित एरिया में कम ऑपरेशन करने और उड़ानों के रूट लंबे किए जाने की सलाह दी गई है।

• कई एयरलाइंस, जैसे कि अकासा एयर और इंडिगो, ने राख के गुबार की वजह से उड़ानें रद्द कर दी हैं। अकासा एयर ने 24 और 25 नवंबर को जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी आने-जाने वाली अपनी उड़ानें कैंसिल की हैं।

आपको बता दें कि ये राख हजारों फीट ऊपर होने के कारण, देश की राजधानी दिल्ली में इसकी वजह से हवा की गुणवत्ता पर सीधा और खासा असर देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि, राख के कारण आसमान सामान्य से ज्यादा गहरा और धुंधला दिखाई दे सकता है। अकासा एयर ने घोषणा की है कि राख के बादल के कारण 24 और 25 नवंबर को जेद्दा, कुवैत तथा अबू धाबी के लिए आने-जाने वाली उसकी सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसी राख के गुबार की वजह से केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस ने अपनी एम्स्टर्डम से दिल्ली की सेवा (KL 871) और दिल्ली से एम्स्टर्डम की वापसी उड़ान (KL 872) को भी कैंसिल कर दिया है।

इंडिगो ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, "इथियोपिया में हेलीगुब्बी ज्वालामुखी के हालिया विस्फोट के बाद, राख के बादल पश्चिमी भारत के कुछ क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। हम जानते हैं कि ऐसी खबरें चिंता पैदा कर सकती हैं, और हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

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