अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति ट्रंप (Image- Social Media)
US Tariffs: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया, लेकिन इसके सिर्फ 3 घंटे के भीतर ट्रम्प ने दुनिया भर पर 10% का नया ग्लोबल टैरिफ लागू कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि संविधान के अनुसार टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद को है, राष्ट्रपति को नहीं। इसके बाद ट्रम्प ने इसे “बहुत निराशाजनक” बताते हुए अदालत के कुछ जजों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कुछ जज “देश के लिए कलंक हैं” और उनमें सही फैसला लेने की हिम्मत नहीं है। वहीं, तीन कंजरवेटिव जजों की उन्होंने तारीफ की, जिन्होंने इस फैसले से असहमति जताई।
ट्रम्प ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते पर कोई बदलाव नहीं होगा और पीएम नरेंद्र मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं। हालांकि, BBC की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि अब ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय संघ समेत अमेरिका के साथ ट्रेड डील करने वाले देशों को धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। इससे भारत पर कुल टैरिफ 18% से घटकर 10% रह जाएगा।
ट्रम्प ने जजों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे “कट्टर वामपंथियों के पालतू” हैं, देशभक्ति नहीं दिखा रहे और संविधान के प्रति वफादार भी नहीं हैं। उनका कहना था कि कुछ जज डर के कारण सही निर्णय नहीं ले पा रहे हैं और लगातार “ना” कहने वाले हैं।
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