Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

1975 ही नहीं, 3 बार थमा लोकतंत्र का पहिया, जानें आपातकाल का देश पर क्या पड़ा असर

भारत में अब तक तीन बार आपातकाल की घोषणा की जा चुकी है। आपातकाल के समय देश पर कई गंभीर प्रभाव पड़े। इस दौरान सरकार के पास यह विशेष अधिकार था कि वह किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा..

  • By अमन उपाध्याय
Updated On: Jun 24, 2025 | 10:00 PM

आपातकाल, फोटो (सो.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

आपातकाल एक ऐसी असाधारण स्थिति होती है, जिसमें चुनी हुई सरकार को सामान्य समय में मना किए गए नीतिगत फैसले लेने या कानून बनाने का विशेष अधिकार मिल जाता है। इस दौरान, नागरिकों के बुनियादी अधिकारों को अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है, और सरकार ऐसे कड़े उपाय लागू कर सकती है जो सामान्य हालात में संवैधानिक रूप से स्वीकार्य नहीं होते।

भारत में अब तक तीन बार आपातकाल लागू किया गया है। पहला आपातकाल 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय घोषित किया गया था। दूसरी बार 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान आपातकाल लगाया गया। जबकि तीसरा और सबसे अधिक चर्चित आपातकाल 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार द्वारा लागू किया गया था।

कई अलोकतांत्रिक कानून किए गए लागू

भारत में आपातकाल के दौरान कुछ गंभीर परिणाम सामने आए। इस अवधि में सरकार को यह अधिकार प्राप्त था कि वह देश के लिए खतरा माने जाने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार कर सके। उदाहरण के तौर पर, 1975 से 1977 के बीच निवारक निरोध कानूनों के आधार पर लगभग 1,11,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह आंकड़ा बाद में शाह आयोग की रिपोर्ट में सामने आया।

इस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को असीमित अधिकार दिए गए, जिसके कारण हिरासत में यातना और कई मौतों की घटनाएं हुईं। इसके अलावा, इस दौरान गरीबों को बेदखल करने और जबरदस्ती नसबंदी जैसे मामले भी सामने आए। सबसे चिंताजनक पहलू यह था कि इस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया और कई अलोकतांत्रिक कानून लागू किए गए, जिससे देश के संवैधानिक मूल्यों को गहरा आघात पहुंचा।

शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुए लोग

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए 20 महीने के आपातकाल के दौरान लगभग 1,40,000 निर्दोष लोगों को बिना किसी औपचारिक आरोप के जेल में डाल दिया गया। इस अवधि में विपक्षी दलों के नेताओं के घरों पर अचानक छापे पड़े और उन्हें हिरासत में लिया गया। हिरासत में रखे गए लोगों को अक्सर यातनाएं दी जाती थीं, जिससे कई लोग शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुए। कई मामलों में लोगों को उनके परिवारों को सूचित किए बिना ही गिरफ्तार कर लिया गया, जिसमें केवल संदेह या अफवाहों को आधार बनाया गया।

मीडिया की स्वतंत्रता पर लगी ब्रेक

राजनीतिक कारणों से गिरफ्तार किए गए लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उन्हें कठोर यातनाएं दी गईं। इसके अलावा, भारत में मीडिया की स्वतंत्रता, जो लोकतंत्र का एक प्रमुख आधार मानी जाती है इस दौरान उसको भी गंभीर रूप से कुचल दिया गया। सरकार ने मीडिया पर कड़ा नियंत्रण स्थापित कर उसे अपने पक्ष में प्रचार का माध्यम बना लिया, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरा आघात पहुंचा।

कलाकारों को भी नहीं छोड़ा गया

बता दें कि इस आपातकाल के दौरान प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार से पार्टी की  रैली में प्रस्तुति देने की मांग की गई, जिसे उन्होंने नकार दिया। इसके जवाब में सरकार ने उनके गानों के प्रसारण पर राज्य के मीडिया में रोक लगा दी। इसके साथ ही, इस दौर में कई ऐसे नए कानून भी लाए गए जो कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना लागू किए गए। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Democracy halted 3 times what emergency impact on india

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 24, 2025 | 10:00 PM

Topics:  

  • Congress
  • Emergency
  • Emergency In India
  • Indian History
  • Indira Gandhi

सम्बंधित ख़बरें

1

कांग्रेस आलाकमान ने चुनाव लड़ने की रणनीति में किया बड़ा बदलाव, बागी नेताओं के लिए बनाया ‘चक्रव्यूह’

2

‘भारत विरोधी लॉबी और राहुल गांधी’, उमर खालिद पर अमेरिकी चिट्ठी से भड़की भाजपा, खोले पुराने राज

3

निशानेबाज: सबकी अपनी-अपनी आजादी मामा कुंवारा, भांजा करेगा शादी

4

‘बिहार में 20-25 हजार में मिलती हैं लड़कियां…’ कैबिनेट मंत्री के पति का बेहूदा बयान, देखें VIDEO

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.