अरविंद केजरीवाल ने RSS चीफ को लिखा पत्र, पूछे इन 5 सवालों के जवाब

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उनसे सवाल पूछे। इस दौरान उन्होंने PM मोदी और केंद्र की NDA सरकार पर जमकर निशाना साधा।
अरविंद केजरीवाल ने RSS चीफ को लिखा लैटर
अरविंद केजरीवाल ने RSS चीफ को लिखा लैटर
Published on
Updated on

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उनसे सवाल पूछे। इस दौरान उन्होंने PM मोदी और केंद्र की NDA सरकार पर जमकर निशाना साधा। अरविंद केजरीवाल ने RSS प्रमुख मोहन भागवत से कुछ सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि जिस तरह से PM मोदी और ग्रहमंत्री अमित शाह CBI का डर दिखाकर सरकारें गिरा रहे हैं क्या RSS उससे सहमत है?

अरविंद केजरीवाल ने संघ प्रमुख भागवत से पूछे ये सवाल-

    • जिस तरह PM मोदी और ग्रहमंत्री अमित शाह, ED-CBI का डर दिखाकर सरकारें गिरा रहे हैं क्या RSS उससे सहमत है?
    • PM मोदी जी ने सबसे भ्रष्ट नेताओं को BJP में शामिल कराया। क्या RSS मोदी जी से सहमत है?
    • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष JP नड्डा के बयान से RSS दुखी है या नहीं?
    • क्या 75 साल वाला रूल PM मोदी पर लागू होगा या नहीं?
    • देखा जाए तो BJP,RSS की कोख से पैदा हुई है। ऐसे में ये देखना RSS की जिम्मेदारी है कि BJP पथभ्रष्ट न हो।

हमने ईमानदारी से लड़ा चुनाव केजरीवाल

इसी के साथ आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, अन्ना को आंदोलन 4 अप्रेल 2011 को जंतर मंतर से शुरू हुआ था। तब सरकार ने हमें चैलेंज किया था चुनाव लड़कर उसे जीतकर दिखाओ। हमने भी चुनाव लड़े। देश को साबित किया कि ईमानदारी से भी चुनाव लड़ा जा सकता है और ईमानदारी से चुनाव जीता भी जा सकता है। हमने अपनी सरकार चलाई। बिजली पानी भी फ्री कर दिया। बसों में महिलाओं का सफर फ्री किया। इलाज भी फ्री किया। शानदार अस्पताल और स्कूल बनाए । ये देखकर PM मोदी शायद घबरा गए और हमारे ऊपर झूठे आरोप लगा दिये और जेल भेज दिया।

वहीं पत्र में केजरीवाल ने दिल्ली शराब नीति घोटाले का किया और कहा कहा, वकीलों ने कहा कि यह केस दस साल भी चल सकता है। मैं इस दाग के साथ नहीं जी सकता। इसलिए सोचा कि अब जनता की अदालत में जाऊंगा। अगर मैं बेईमान होता तो बिजली फ्री करने के तीन हजार करोड़ ही खा जाता, महिलाओं के किराया फ्री नहीं करता, बच्चों के लिए स्कूल नहीं बनवाता। बता दें कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है, इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com