मंदिर परिसर स्थित पेड़ पर बंधा दरगाह का झंडा। इमेज-सोशल मीडिया
Tamil Nadu News: तमिलनाडु के मदुरै में अधिकारियों ने थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी स्थित सिकंदर बदूशा दरगाह की ओर से संधनकूडू झंडा फहराने के त्योहार के दौरान लगाए गए चांद के झंडे को हटाया है। हालांकि, मामले का अभी निपटारा नहीं हुआ है। दोनों पक्षों की अपनी-अपनी आपत्तियां हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह झंडा मंदिर की भूमि पर लगाया गया था। इस कार्रवाई के बाद इलाके में मंदिर और दरगाह प्रशासन के बीच फिर विवाद गहराया है। झंडे के स्थान को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद मामला पिछले हफ्ते मदुरै बेंच स्थित मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गया था। कोर्ट ने अधिकारियों से यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि झंडा कैसे लगाया गया। इसके साथ ही जायज कदम उठाने का निर्देश दे दिया।
इसके बाद मंदिर प्रशासन ने थिरुप्परनकुंद्रम पुलिस स्टेशन में मामले में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक 21 दिसंबर 2025 को चांद वाला झंडा थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दरगाह के पास स्थित कल्लाठी पेड़ पर फहराया गया था। शिकायतों में बताया गया है कि यह पेड़ मंदिर की जमीन पर स्थित है। इस चलते मामला पहले स्थानीय प्रशासन और फिर कोर्ट तक पहुंचा।
पुलिस केस दर्ज होने के बाद राजस्व विभाग, हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कल्लाठी पेड़ से बंधे झंडे को हटाया। इसे लेकर दरगाह प्रशासन ने कड़ा ऐतराज जताया है। थिरुप्परनकुंद्रम सिकंदर बदूशा दरगाह प्रशासन ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताया। यह भी कहा कि सहायक पुलिस आयुक्त (थिरुप्परनकुंद्रम) को शिकायत पत्र सौंपा और बिना उनकी सहमति झंडा हटाने के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी स्थित यह धार्मिक स्थल काफी पहले से विवादों में है। हाल में कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में दीया जलाने की अनुमति देने के एकल न्यायाधीश के आदेश को लागू नहीं करने के लिए अधिकारियों के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ में अवमानना की कार्रवाई का अनुरोध किया था। मुदरै पीठ के एकल न्यायाधीश ने एक दिसंबर को इसे लेकर अनुमति दी थी। इस बीच पुलिस ने सोमवार को हिंदू भक्तों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर बने काशी विश्वनाथर मंदिर में पूरी तलाशी के बाद जाने की इजाजत दे दी।