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दांडी मार्च: अंग्रेजों के बनाए नमक कानून को हटाने महात्मा गांधी ने किया था आह्वान, जानें इतिहास

  • Written By: किर्तेश ढोबले
Updated On: Mar 12, 2023 | 06:53 AM
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नई दिल्ली: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के नमक उत्पादन पर एकाधिकार को खत्म करने के लिए आज से ठीक आज से 93  वर्ष पहले दांडी मार्च (Dandi March) का आह्वान किया था। इसकी शुरुवात 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से हुई थी, जो 6 अप्रैल को दांडी पहुंची थी। उसी दिन महात्मा गांधी  ने सुबह 6:30 बजे अंग्रेजों के बनाए नमक कानून को तोड़ा था। दांडी मार्च को नमक मार्च या दांडी सत्याग्रह के रूप में इतिहास में जगह मिली है।

अंग्रेजों की सरकार ने साल 1930 में नमक पर कर लगा दिया था, जिसके बाद महात्मा गांधी ने इस कानून के ख‍िलाफ आंदोलन छेड़ा। महात्मा गांधी ने  78 लोगों के साथ मिलकर इसका विरोध करते हुए अहमदाबाद साबरमती आश्रम से समुद्रतटीय गांव दांडी तक पैदल यात्रा (390किलोमीटर) की। उन्होंने 386 किलोमीटर की यह यात्रा पैदल ही तय की थी। 12 मार्च को शुरू हुई ये यात्रा 6 अप्रैल 1930 को नमक हाथ में लेकर नमक विरोधी कानून भंग करने का आह्वान करते हुए समाप्त हुई। भारत के आंदोलन इतिहास की जब भी बात होती है, जिसमें दांडी मार्च का नाम जरूर लिया जाता है।

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नमक एकाधिकार खत्म करने शुरू हुआ था सत्याग्रह

दांडी सत्याग्रह मुख्य उद्देश्य अंग्रेजों द्वारा लागू नमक कानून के विरुद्ध सविनय कानून को भंग करना था। अंग्रेजी शासन में भारतीयों को नमक बनाने का अधिकार नहीं था। भारतियों को इंग्लैंड से आने वाला नमक का ही इस्तेमाल करना पड़ता था। यही नहीं, अंग्रेजी सल्तनत ने नमक पर कई गुना कर भी लगा दिया था। नमक मानवी जीवन के लिए आवश्यक वस्तु है, जिसके लिए नमक पर लगा कर को हटाने के लिए महात्मा गांधी ने यह सत्याग्रह चलाया था।

Photo: Maps Of India

कई लोगों को हुई थी जेल

दांडी पहुंचने के बाद महात्मा गांधी ने कच्छ भूमि में समुद्र तल से एक मुट्ठी नमक उठाकर अंग्रेजी हुकूमत को सशक्त संदेश दिया था और उनके नमक कानून को तोड़ा था। कानून भंग करने के बाद सत्याग्रहियों ने अंग्रेजों की लाठियां खाई थीं लेकिन पीछे नहीं मुड़े थे। वहीं, इस आंदोलन में शामिल कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें सी. राजगोपालचारी, पंडित नेहरू जैसे आंदोलनकारी शामिल थे। इस आंदोलन में सहभागी 70,000 से भी अधिक भारतीयों को गिरफ्तार किया गया था। यह आंदोलन करीब एक साल चल जिसके बाद साल 1931 में राष्ट्रपिता गांधी और तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच हुए समझौते से इस सत्याग्रह को खत्म किया गया।

इस आंदोलन के बाद अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारत में आज़ादी की चिंगारी भड़क चुकी थी। इस आंदोलन के बाद ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ की शुरुआत हुई। जिसने संपूर्ण देश में अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में व्यापक जन संघर्ष को जन्म दिया। 

Dandi march mahatma gandhi gave a call to remove the salt law made by the british know history

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Published On: Mar 12, 2023 | 06:53 AM

Topics:  

  • Mahatma Gandhi

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