अमित शाह की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल, प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम पर रोक से बवाल, संसद में हंगामा
Parliament Monsoon Session: संसद में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह से सवालों के जवाब मांगे और राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने पर सरकार को घेरा। जानिए पूरी खबर
- Written By: अनन्या तिवारी
राहुल गांधी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Congress Protest In Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को संसद में कांग्रेस सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। सांसदों ने 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा, छात्रों के मुद्दों और संसद की कार्यवाही बाधित होने जैसे विषयों को जवाब मांगा है।
प्रयागराज में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने का मुद्दा भी संसद परिसर में जोर-शोर से उठा। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समझ नहीं आता कि सरकार को आखिर किस बात का डर है।
सरकार संसद में चर्चा से भाग रही है, इमरान प्रतापगढ़ी का हमला
संसद में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, “चढ़ावा चोरी” और सरकार की जवाबदेही की मांग को लेकर आवाज उठा रही है। सरकार संसद में चर्चा से बच रही है, जबकि पूरा विपक्ष चाहता है कि इन मुद्दों पर खुलकर बहस हो। सरकार में जनता के सवालों का सामना करने का साहस नहीं है।
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इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे अधिक शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि सरकार छात्रों के कार्यक्रम से डर जाए। उन्होंने कहा कि सरकार खुद छात्रों से संवाद नहीं करना चाहती और जब विपक्ष का नेता छात्रों से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने जाता है तो कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी जाती है।
जेबी माथर का आरोप, संसद न चलने दे रही केंद्र सरकार
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने संसद नहीं चलने के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि संसद का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी दलों को विश्वास में लेना तथा विपक्ष की आवाज सुनना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और चर्चा ही समाधान का रास्ता है।
जेबी माथर ने राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह देशभर में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं की चिंताओं को लेकर छात्रों से लगातार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में छात्रों और उनके परिवारों से मुलाकात की है और अब तमिलनाडु जाने की भी तैयारी है। यदि प्रयागराज में कार्यक्रम की अनुमति रद्द की जाती है तो यह सरकार के डर को दर्शाता है। सरकार सच्चाई का सामना करने से बच नहीं सकती क्योंकि देश के युवा और नागरिक सब कुछ देख रहे हैं।
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तमिलनाडु की परंपरा का महत्व- कार्ति चिदंबरम
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी राहुल गांधी के कार्यक्रम पर रोक लगाने की आलोचना करते हुए तमिल की एक कहावत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाती तो इसका मतलब यह नहीं कि उसका उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों से संवाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की प्रस्तावित जेन जेड छात्रों के साथ बातचीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्ति चिदंबरम ने कहा कि किसी से भी संवाद करने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन केवल बातचीत पर्याप्त नहीं होती, युवाओं की बातों को समझना भी जरूरी है।
तमिलनाडु से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर कार्ति चिदंबरम ने कहा कि राज्य में सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत “तमिल थाई वाज़्तु” से करने की परंपरा है और इसका पालन जारी रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करती है, लेकिन तमिलनाडु में सरकारी आयोजनों में स्थानीय परंपरा के अनुरूप “तमिल थाई वाज़्तु” को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
-IANS
