

Congress Leaders Gaurav Gogoi On Lok Sabha Paper Leak: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की क्रूरता को देश कभी नहीं भूलेगा। गोगोई ने सवाल किया कि छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया तथा इस पूरे मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सदन में जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ आंदोलन में भेज रहे हैं, लेकिन उन्हें बल प्रयोग का सामना करना पड़ा। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए कानून बनाया गया था, लेकिन उसके बावजूद पेपर लीक की घटनाएं जारी रहीं। गोगोई ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर कई सवाल उठाए तथा छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील की।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “हमने लोकतंत्र की ताकत देखी, वहीं सरकार की क्रूरता भी देखी। पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, पुलिसकर्मी ने एक लड़की को थप्पड़ मारा, महिलाओं को गालियां दीं और उनके कपड़े फाड़े। हम भूलेंगे नहीं। हम गृह मंत्री का जवाब चाहते हैं।”
उन्होंने पूछा कि पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। उन्होंने बिहार में एके-47 के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। गोगोई ने कहा कि जब धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर में पहुंचे तो भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत ऐसे किया, मानो वे पाकिस्तान से जंग जीतकर आए हों।
गोगोई ने आगे कहा कि इस संशोधन बिल को पढ़ने के बाद साफ है कि यह सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रति गंभीर नहीं है। यह महज दिखावे का बिल है। उन्होंने याद दिलाया कि दो साल पहले सरकार ने ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ लाया था, फिर भी यूजीसी और नीट 2024 परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं हुईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे इंस्टाग्राम रील्स पर ध्यान देते हैं जबकि पहली कैबिनेट बैठक में शिक्षा सुधार, पेपर लीक, कोचिंग माफिया और सीबीएसई की ओएमआर शीट पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी।
गोगोई ने दावा किया कि शिक्षा क्षेत्र में लापरवाही के कारण एक लाख से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एनटीए चेयरमैन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “एनटीए के डीजी को बदला गया लेकिन चेयरमैन को रखा गया। उनका ब्योरा देख लीजिए। वे एक विशेष संगठन से जुड़े हुए हैं।”
गोगोई ने चेयरमैन के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित धांधलियों का भी हवाला दिया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम गुरुद्वारों के संचालकों, वकीलों, स्विगी के माध्यम से खाना भेजने वाले लोगों और आम नागरिकों को धन्यवाद करते हैं जो बच्चों के साथ अपना समर्थन बनाए रखे। गौरव गोगोई ने जोर देकर कहा कि छात्रों के भविष्य को लेकर युवा सड़कों पर उतरे हैं और सरकार को उनकी पीड़ा समझनी चाहिए।