कांग्रेस को भारी पड़ेगा प्राण प्रतिष्ठा का अपमान? निमंत्रण ठुकराने पर जानें क्या है जनता की राय
- Written By: अनिल सिंह
Updated On:
Jan 11, 2024 | 06:27 PM
नवभारत डिजिटल डेस्क: 22 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा (Pran Pratishtha) का कार्यक्रम होने वाला है और उसकी तैयारी देश भर में हो रही है। मंदिर प्रशासन की तरफ से मंदिर के उद्घाटन के दिन देश के सभी शीर्ष से नेताओं को अपनी मौजूदगी दर्ज करने के लिए निमंत्रण भी भेजा गया है। लेकिन कांग्रेस (Congress) की तरफ से प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को 10 जनवरी को अस्वीकार कर दिया गया। जिसके बाद देश भर में इसको लेकर बहस छिड़ी हुई है। हर कोई इस पर अपनी राय दे रहा है। तो ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकराना क्या कांग्रेस को आने वाले चुनाव में भारी पड़ सकता है।
प्राण प्रतिष्ठा से कांग्रेस के बहिष्कार पर छिड़ी बहस
समाचार चैनल हो या फिर सोशल मीडिया सभी मंच पर यही बहस हो रही है कि प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकरा कर कांग्रेस ने सही किया या गलत। कांग्रेस द्वारा प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को अस्वीकार करने (Congress boycott Pran Pratistha invitation) की इस घटना को पंडित जवाहरलाल नेहरू के सोमनाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा निमंत्रण से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
क्या है बीजेपी का कहना
बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर जबरदस्त हल्ला बोला है और कांग्रेस को हर अच्छी चीज का बहिष्कार करने वाली पार्टी बताया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि किसी अच्छे अनुष्ठान में बाधा उत्पन्न करके संतोष प्राप्त करने वाली प्रवृत्ति की परिचायक कांग्रेस के साथ पता नहीं कौन सी समस्या है। भारत का इतिहास जब-जब करवट ले रहा होता है, तब-तब कांग्रेस उस मौके के साथ खड़ा न होकर उसका बहिष्कार करती है। सुधांशु त्रिवेदी ने बताया जब सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, तो जवाहरलाल नेहरू जी ने 1951 में उसका बहिष्कार किया था। कांग्रेस ने मौजूदा समय में कुछ नया नहीं किया है। ये कांग्रेस का इतिहास है और वो उसे ही दोहरा रही है।
मुसलमानों को खुश करने के लिए कांग्रेस ने किया बहिष्कार
बीजेपी साफतौर पर कांग्रेस के इस बहिष्कार को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के अपमान के तौर पर देख रही है और बीजेपी की तरफ से यह कहा भी गया है कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा निमंत्रण का कांग्रेस द्वारा अस्वीकार किया जाना, कांग्रेस की उसी परंपरा को दोहरा रहा है जो वह हमेशा से करती आई है। बीजेपी के तमाम नेता कांग्रेस पर इस तरह का आरोप भी लगा रहे हैं कि कांग्रेस ने यह सब कुछ एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए किया है।
सोशल मीडिया पर क्या है लोगों का कहना
वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कांग्रेस द्वारा अस्वीकार किए गए प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण पर लोगों की राय बटी हुई है। कुछ लोगों का यह मानना है कि कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा निमंत्रण को ठुकरा कर गलत किया है। कांग्रेस को ऐसा नहीं करना चाहिए था। सोशल मीडिया पर कुछ लोग कांग्रेस के इस एक्शन से नाराज नजर आ रहे हैं और सोशल मीडिया पर ढेर सारी प्रतिक्रियाएं भी दिख रही है।
वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कांग्रेस ने जो कुछ किया वह सही है।
क्योंकि राम मंदिर निर्माण और राम मंदिर के उद्घाटन का भाजपा पार्टी प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रही है।
कांग्रेस के इस एक्शन का चुनाव पर क्या होगा असर
एवेरी एक्शन हैज इक्वल एंड ऑपोजिट रिएक्शन, न्यूटन का ये नियम कांग्रेस के इस फैसले पर भी लागू होगा ऐसा जानकारों को लगता है। कांग्रेस के इस एक्शन का चुनाव में क्या असर होगा, इस पर भी जानकारों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। अधिकतर लोगों का यह मानना है कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस को इस एक्शन का नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। वरिष्ठ पत्रकार अवनींद्र आशुतोष ने नवभारत डिजिटल से की गई बातचीत में बताया कि कांग्रेस पर हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाता रहा है और इस बार भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने मुस्लिम वर्ग को खुश करने के लिए यह फैसला लिया है। अवनींद्र का मानना है कि आने वाले चुनावों (आम चुनाव और विभिन्न राज्यों विधानसभा चुनाव) में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। क्योंकि देश की जनता को यह लग रहा है कि कांग्रेस के इस फैसले से कहीं ना कहीं उसने भगवान राम का अपमान किया है।
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Published On:
Jan 11, 2024 | 06:27 PM
