अरविंद केजरीवाल (सोर्स-सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। दिल्ली की राउज़ एवन्यू कोर्ट ने उन्हें गुरुवार को जमानत दे दी थी। जिसके बाद ईडी ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आज इस मामले पर हाई कोर्ट में सुनवाई की गई। जिसमें कोर्ट की ओर से उनकी जमानत पर रोक लगा दी गई। जिसके मुताबिक जमानत मिलने के बाद भी सीएम केजरीवाल अभी तिहाड़ जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
उच्च न्यायालय ने केजरीवाल को नोटिस जारी करके प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर जवाब मांगा है। जिसमें निचली अदालत के 20 जून के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत उन्हें जमानत दी गई थी। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा, “यह आदेश सुनाये जाने तक, उपरोक्त आदेश के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी।” अदालत ने कहा कि वह आदेश 2-3 दिनों के लिए सुरक्षित रख रही है, क्योंकि वह संपूर्ण रिकॉर्ड देखना चाहती है। इससे पहले दिन में पीठ ने कहा कि जब तक उच्च न्यायालय मामले की सुनवाई नहीं कर लेता, तब तक निचली अदालत का आदेश प्रभावी नहीं होगा।
बता दें कि सीएम केजरीवाल को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इससे पहले सीएम केजरीवल को चुनाव प्रचार के लिए जेल से बाहर आने की छूट दी गई थी। सीएम केजरीवाल के वकील की ओर से यह दावा किया गया है कि अभियोजन पक्ष के पास केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 10 मई को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। अब गिरफ्तार के 91 दिन बाद केजरीवाल को राउज एवेन्यू ने जमानत दे दी है। जिसके बाद कल (गुरुवार) सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने जमानत याचिका के साथ-साथ केजरीवाल के इस दावे का विरोध किया। जिसमें कहा गया कि आबकारी नीति मामले में केंद्रीय एजेंसी को खुद के आरोपों को साबित करने का कोई सबूत नहीं है।