-
सोम, 10 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- India »
- Cjp Jantar Mantar Protest What Is The 3 5 Percent Rule For Peaceful Protest Explainer
Explainer: क्या है 3.5% Rule जिसके दम पर CJP ने लिया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा? जानिए पूरा सच
- Written By: अक्षय साहू
CJP Protest Success: क्या किसी आंदोलन की सफलता केवल सरकार झुकाने से तय होती है? जानिए 3.5% Rule, हार्वर्ड रिसर्च और क्यों शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक आंदोलनों से अधिक सफल माने जाते हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म हुआ CJP का प्रोटेस्ट (AI जेनरेटेड इमेज)
Jantar Mantar CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने करीब एक महीने पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था, वो अब पूरा हो चुका है। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रदर्शन शुरू होने के 36 दिन बाद शानिवार को छात्रों की मांग मानते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जंतर-मंतर अब पूरी तरह से खाली हो चुका है।
जंतर-मंतर पर कुछ छात्रों के साथ शुरू हुए प्रदर्शन धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया था। सरकार के खिलाफ यह 14 साल में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था। इससे पहले 2012 में निर्भया कांड के समय इतने लोग जंतर-मंतर पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जुटे थे। कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन कामयाब रहा। लेकिन सवाल उठता है कि किसी कामयाब प्रदर्शन को कामयाब क्या बनाता है? वह क्या है जिससे कोई प्रदर्शन सफल या असफल होता है?
आंदोलन में शामिल होने वाली जनता की संख्या अहम
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्चर एरिका चेनोवेथ और मारिया स्टीफन ने 2011 में इसे लेकर एक अहम रिसर्च (Why Civil Resistance Works: The Strategic Logic of Nonviolent Conflict) की थी। उन्होंने 1900 से 2006 तक दुनियाभर में हुए 323 आंदोलनों का विश्लेषण किया था। इसके मुताबिक, किसी भी विरोद प्रदर्शन के कामयाब होने में दो फैक्टर सबले अहम है।
सम्बंधित ख़बरें
जरा याद करो कुर्बानी: जब चंद क्रांतिकारियों ने हिला दी थी ब्रिटिश साम्राज्य की नींव, काकोरी ट्रेन लूट की कहानी
AI के चश्मे से आजादी का जश्न, अगर 1947 में सोशल मीडिया या एआई होता, तो कैसी होती स्वतंत्रता आंदोलन की तस्वीरें
रूस से भारत तक दौड़ेगी ट्रेन! 5 देशों से होकर गुजरेगा नया रेल मार्ग, जानें हिंद महासागर तक पहुंच का महाप्लान
भारत-अमेरिका नौसेनाओं का EOD अभ्यास 10 अगस्त से कोच्चि में, समुद्री सुरक्षा पर होगा फोकस
अहिंसक आंदोलन अधिक सफल (AI जेनरेटेड इमेज)
- प्रदर्शन का शांतिपूर्ण होना: चेनोवेथ और स्टीफन अपनी रिसर्च में का दावा है कि हिंसक आंदोलनों के तुलना में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के कामयाब होने की संभावनाए दुगनी होती है।
- प्रदर्शन में 3.5% आबादी का शामिल होना: रिसर्च के मुताबिक जिन आंदोलनों में कम से कम देश की आबादी का 3.5% हिस्सा शामिल होता है, वो आंदोलन कभी भी असफल नहीं हुए हैं।
उदाहरण के लिए 22 फरवरी 1986 को फिलीपींस की राजधानी मनीला में लाखों लोग इकट्ठा हुए और तत्कालीन सरकार के खिलाफ मार्च निकाला। यह मार्च तत्कालीन राष्ट्रपति फर्डिनांद मार्कोस को हटाने के लिए था। मार्कोट दो दशकों से राष्ट्रपति पद पर थे। इस विरोध मार्च के तीसरे ही दिन मार्कोस को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। फिलीपींस के लोगों ने बिना किसी हिंसा के दशकों से चली आ रही सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था।
अहिंसक और शांतिपूर्ण आंदोलन ज्यादा सफल
एरिका और मारिया ने कहा कि उन्होंने अपने विश्लेषण में पाया कि 53% आंदोलन जो सफल हुए वो अहिंसक और शांतिपूर्ण थे। वहीं, इन वर्षों में केवल 26% हिंसक आंदोलन ही सफल हो पाए थे। यानी, जिन आंदोलनों में हिंसा नहीं थी, वे बदलाव लाने में अधिक कामयाब रहे। जबकि हिंसक प्रदर्शनों के सफल होने की संभावना कम रही।
1986 में फिलीपींस में राष्ट्रपति के खिलाफ हुआ था शांतिपूर्ण आंदोलन (सोर्स- सोशल मीडिया)
किताब में दावा किया गया है कि अहिंसक और शांतिपूर्ण आंदोलन इसलिए अधिक सफल होते हैं, क्योंकि उन्हें पूरी दुनिया का साथ मिलता है। यदि सरकार ऐसे आंदोलनों को कुचलने का प्रयास करती है तो यह उन पर बैकफायर भी कर सकता है। यही वजह है कि सरकारें शांतिपूर्ण आंदोलनों को कुचलने की जगह बातचीत से समाप्त करने की कोशिश करती हैं। जिससे इन आंदोलनों के सफल होने की संभावना बढ़ जाती है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शनों शामिल होते हैं अधिक लोग
एरिका और मारिया के मुताबिक, लोग हिंसक आंदोलनों से अधिक अहिंसक और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से अधिक जुड़ते हैं। एरिका और मारिया ने जिन आंदोलनों का विश्लेषण किया था, उनमें शांतिपूर्ण आंदोलनों में औसतन 2 लाख लोग शामिल हुए थे। वहीं, हिंसक आंदोलनों में 50 हजार की भीड़ जुटी थी। उदाहरण के लिए 1986 में राष्ट्रपति फर्डिनांद मार्कोस के खिलाफ हुआ प्रदर्शन जिसमें 20 लाख लोग जुटे थे।
आंदोलनों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या से पड़ता है असर (सोर्स- सोशल मीडिया)
एरिका और मारिया ने ‘3.5% Rule’ का सिद्धांत दिया था। इसके मुताबिक, अगर किसी देश की कम से कम 3.5% आबादी किसी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो जाए, तो उसके सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साल 2021 में एरिका चेनोवेथ ने इस सिद्धांत को समझाते हुए कहा था, “3.5% Rule का मतलब यह है कि जब किसी देश की करीब 3.5% आबादी किसी बड़े मुद्दे, जैसे आंदोलन, विरोध-प्रदर्शन या संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लेती है, तो ऐसी जनक्रांति के असफल होने की संभावना बेहद कम रह जाती है।
3.5% Rule आंदोलन की सफलता की गारंटी नहीं
उन्होंने यह भी कहा था कि “3.5% संख्या सुनने में भले ही छोटी लगे, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर लोगों का किसी आंदोलन में उतरना इस बात का संकेत होता है कि उससे कहीं अधिक लोग, भले ही सड़कों पर न हों, लेकिन आंदोलन के उद्देश्य से सहमत हैं और उसका समर्थन करते हैं।
आंदोलन को रफ्तार देता है 3.5% Rule (सोर्स- सोशल मीडिया)
हालांकि, एरिका चेनोवेथ यह भी स्पष्ट करती हैं कि ‘3.5% Rule किसी आंदोलन की सफलता की गारंटी नहीं है। उनके मुताबिक, यह सिद्धांत कई मामलों में उपयोगी साबित हुआ है, लेकिन किसी भी आंदोलन की कामयाबी सिर्फ लोगों की संख्या पर निर्भर नहीं करती। उन्होंने कहा था, 3.5% का नियम कई परिस्थितियों में प्रभावी साबित हो सकता है, लेकिन किसी भी आंदोलन की सफलता के लिए मजबूत संगठन, प्रभावी नेतृत्व और लगातार बना रहने वाला मोमेंटम (Momentum) भी उतना ही जरूरी है। वास्तव में, 3.5% आबादी का समर्थन हासिल करने से पहले इन सभी कारकों का मजबूत होना आवश्यक है।
आंदोलन को रफ्तार देता है 3.5% Rule
एरिका और मारिया मानते हैं कि ‘3.5% Rule’ किसी आंदोलन की सफलता की गारंटी नहीं है, लेकिन इसे उसकी सफलता का सबसे प्रभावी संकेतक माना जाता है। जब बड़ी संख्या में लोग किसी आंदोलन से जुड़ते हैं, तो उन्हें व्यापक जनसमर्थन और सहानुभूति मिलने लगती है। इससे व्यवस्था के भीतर भी सोच बदलती है, जिसे एरिका चेनोवेथ ‘वफादारी बदलना’ कहती हैं।
यह भी पढ़ें- Explainer: CJP प्रदर्शन में शामिल होना अब पड़ेगा भारी? जानें फेशियल रिकग्निशन पर हाईकोर्ट में क्यों मचा बवाल
इस प्रक्रिया से आंदोलन का प्रभाव लगातार बढ़ता है। हालांकि, सफलता केवल 3.5% आबादी जुटाने पर निर्भर नहीं करती। उनकी रिसर्च के अनुसार, 83% सफल अहिंसक आंदोलनों में यह नियम लागू नहीं हुआ था, जबकि बहरीन में 6% से अधिक भागीदारी के बावजूद आंदोलन असफल रहा था।
Cjp jantar mantar protest what is the 3 5 percent rule for peaceful protest explainer
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal: इन राशियों के जमीन-जायदाद के काम होंगे पूरे, धन लाभ के बनेंगे योग
Aug 10, 2026 | 12:10 AM‘5 लाख से अधिक का बिल फिर भी नहीं बचा पाए’; आगरा के अस्पताल में बुजुर्ग महिला की मौत पर परिजनों का हंगामा
Aug 09, 2026 | 11:58 PMदालमंडी में भूमि पूजन के साथ शुरू हुआ सड़क चौड़ीकरण कार्य, 221 करोड़ की लागत से 650 मीटर सड़क होगी चौड़ी
Aug 09, 2026 | 11:47 PMकिराए के फ्लैट में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर; छापेमारी में पकड़ें गए 20 प्रेमी जोड़े, कई मोबाइल-सिम बरामद
Aug 09, 2026 | 11:24 PMयश की टॉक्सिक को लेकर आया बड़ा बॉक्स ऑफिस प्रिडिक्शन, पहले दिन हिंदी में इतने करोड़ कमा सकती है फिल्म
Aug 09, 2026 | 11:12 PMचित्रगुप्त पीठ पर सैकड़ों संतों ने किया महायज्ञ, मथुरा में कारसेवा के बीच पहुंची गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
Aug 09, 2026 | 11:08 PMमहिलाओं के लिए आरक्षित टॉयलेट में घुस रहे पुरुष! APMC मार्केट में बेसिक सुविधाओं की खुली पोल
Aug 09, 2026 | 11:07 PMवीडियो गैलरी

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला! गाड़ी घेरी, कीचड़ और जूते फेंके; कांचरापाड़ा में भारी बवाल का Video आया सामने
Aug 09, 2026 | 10:51 PM
पैसे लेकर बहाली का आरोप, पप्पू यादव का बड़ा ऐलान, बोले- छात्रों के साथ खुद बैठूंगा अनशन पर, देखें VIDEO
Aug 09, 2026 | 05:28 PM
नशेड़ी सिपाही की दबंगई कैमरे में कैद! दुकान में घुसकर मांगे ₹5000, VIDEO वायरल होते ही मचा हड़कंप
Aug 09, 2026 | 04:33 PM
JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन में पहुंचे पीयूष मिश्रा, बोले- युवाओं को नजरअंदाज करना सौतेला व्यवहार! देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 10:53 PM
ना मशीन, ना मोटर…अचानक कुएं उठने लगीं समुद्र जैसी लहरें! वैज्ञानिक वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप-VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:54 PM
Exclusive: बलूचिस्तान ने किया ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का ऐलान! 11 अगस्त को पाकिस्तान में मचेगा गदर- VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:45 PM














