न BJP ऑफिस, न जंतर-मंतर, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार से मिलेगी CJP, क्या आज खत्म हो जाएगा आंदोलन?

CJP Meeting Constitution Club: NEET पेपर लीक विवाद के बीच आज कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच अहम बैठक होगी। क्या आज खत्म हो जाएगा आंदोलन?
cjp meeting with government in constitution club
सीजेपी और सरकार के बीच आज बैठक (सौजन्य-IANS)
Published on
Updated on

CJP Delegation Meeting with Government: नीट पेपर लीक मामले में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीत मुलाकात को लेकर असमंजसम की स्थिति बनी हुई थी, जो कि अब साफ हो गई है। पहले जेपी नड्डा ने सीजेपी को अपने कार्यालय में मुलाकात के लिए बुलाया था। हालांकि, सीजेपी ने वहां आकर बातचीत से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद जंतर-मंतर पर बातचीत की खबरें सामने आई थी, जिस पर सरकार से सहमति नहीं बन पाई थी।

अब नीट पेपर लीक मुद्दे पर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को केंद्र सरकार के मंत्रियों से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मुलाकात करेगा। केंद्र सरकार द्वारा तटस्थ स्थान पर बातचीत के लिए सहमति दिए जाने के बाद यह बैठक आयोजित की जा रही है।

सरकार और सीजेपी के बीच बनी सहमति

सीजेपी पिछले कई दिनों से कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। पार्टी ने बताया कि सरकार ने सरकारी कार्यालयों के बजाय तटस्थ स्थान पर वार्ता की उसकी मांग स्वीकार कर ली है। बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में करीब दोपहर 12 बजे आयोजित होगी।

इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए सीजेपी सदस्य सौरभ दास ने कहा, “चर्चा के लिए बुलाया गया है। हमें बहुत खुशी है कि सरकार ने हमारी इस मांग को मान लिया है कि बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर हो। इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है।”

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है और उनका कहना है कि नीट पेपर लीक विवाद से निपटने के तरीके के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं। मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ सीजेपी ने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी मांग की है।

अब ये देखना होगा कि क्या सरकार सीजेपी की इन शर्तों को मानती है या उनके सामने कोई नया विकल्प रखती है। अगर आज सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच सहमति बन जाती है तो यह आंदोलन खत्म हो सकता है। लेकिन अगर इनमें सहमति नहीं बनी तो आंदोलन उग्र रूप भी ले सकता है। सोनम वांगचुक की शर्तें सरकार मान चुकी है और अब सीजेपी की मांगों को लेकर फैसला आना बाकी है।

प्रस्तावित वार्ता ऐसे समय हो रही है जब एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामलों में अधिक सख्त प्रावधानों और कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला व्यापक कानून लाने की तैयारी कर रही है।

आज कैबिनेट में उठाया जाएगा मुद्दा

वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर कर कहा, “पेपर लीक के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई कैबिनेट में आने वाली है!” प्रस्तावित विधेयक पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होने की संभावना है, जिसके बाद इसे अगले सप्ताह संसद के मौजूदा सत्र में पेश किया जा सकता है।

छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नीट परीक्षा पेपर लीक से उत्पन्न होने वाली परेशानी को भली-भांति समझती है। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा सख्त कानूनी ढांचे की घोषणा के बावजूद सीजेपी का कहना है कि केवल कानून में बदलाव पर्याप्त नहीं हैं। पार्टी ने दोहराया कि परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ सरकार का सबसे सख्त कदम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना होगा। पार्टी शुक्रवार को सरकार के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठक में इस मांग को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।

https://youtu.be/kRGg462_kUY

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com