Scrapping of No-Detention Policy: कक्षा 5 और 8 के फेल छात्र अब नहीं होंगे पास, जानें क्या कहते हैं नए नियम?
नए नियम के मुताबिक, फेल छात्रों को दो महीने के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। अगर वो दूसरी बार भी फेल होते हैं, तो उन्हें अगली कक्षा में प्रोमोट नहीं किया जाएगा।
- Written By: अर्पित शुक्ला
Scrapping of No-Detention Policy: कक्षा 5 और 8 के फेल छात्र अब नहीं होंगे पास, जानें क्या कहते हैं नए नियम?
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बच्चों के नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (RTE) नियम, 2010 में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को समाप्त कर दिया गया है। नए नियम के मुताबिक, अब कक्षा 5 और 8 के वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों को पास नहीं किया जाएगा।
हालांकि, फेल छात्रों को दो महीने के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। अगर वो दूसरी बार भी फेल होते हैं, तो उन्हें अगली कक्षा में प्रोमोट नहीं किया जाएगा। वहीं कक्षा 8 तक किसी भी छात्र को स्कूल से निकालने की अनुमति नहीं होगी।
ये राज्य करेंगे लागू
गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक तथा दिल्ली जैसे कई राज्यों ने इसको लागू करने का फैसला किया है। वहीं, केरल जैसे कुछ राज्य इस फैसले का कड़ा विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि नियमित परीक्षा से छात्रों पर दबाव बढ़ेगा, जिससे ड्रॉपआउट दर में वृद्धि होगी। केरल ने तर्क दिया है कि बच्चों पर दबाव डालने के बजाय शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा कमजोर छात्रों को अतिरिक्त सहायता देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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बदलाव की क्या है वजह
2009 में लागू की गई “नो-डिटेंशन पॉलिसी” का उद्देश्य यह था कि कोई भी बच्चा, विशेष रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले, परीक्षा में फेल होने के कारण पढ़ाई न छोड़े। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस नीति से छात्रों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम हो गई और छात्रों को बिना ज्ञान के अगली कक्षा में भेजा जाता रहा, जिससे वे उच्च स्तर की परीक्षाओं में फेल हो रहे थे।
