BRICS Meeting India: डोभाल ने चीन को दिया कड़ा सन्देश, कहा- 'रिश्तों को बढ़ाना है तो कोर हितों का करो सम्मान'

BRICS Meeting India: दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन में भारत ने चीन को बहुत ही स्पष्ट संदेश दिया। सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा दोनों देशों को एक-दूसरे के मूल हितों का हमेशा ही सम्मान करना चाहिए।
BRICS Meeting India: NSA Ajit Doval Gives Clear Message To China On Core Interests And Mutual Trust
भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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NSA Ajit Doval At BRICS Meeting India: भारत में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने खास तौर पर हिस्सा लिया है। इस बैठक के दौरान भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन के साथ बहुत ही गंभीर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि स्थिर और रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध बहुत ज्यादा जरूरी हैं। इन अहम संबंधों से ही भारत और चीन के बीच आपसी समझ और एक-दूसरे पर भरोसा भविष्य में पूरी तरह से मजबूत होगा।

बैठक में डोभाल ने चीन को एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने को बहुत स्पष्ट रूप से कहा है। भारत का यह व्यापक दृष्टिकोण मुख्य रूप से पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक सम्मान पर पूरी तरह से आधारित है। यह अहम बयान ऐसे समय आया है जब भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की पूरी कोशिश हो रही है। दोनों देशों के बीच यह उच्चस्तरीय संवाद भविष्य में द्विपक्षीय शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

होर्मुज से जहाजों की आवाजाही

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों की स्थिति के बारे में भी बहुत ही जरूरी जानकारी साझा की है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भारी तनाव के बीच भारत ने साफ किया है कि होर्मुज से भारतीय जहाजों की आवाजाही लगातार जारी है। भारत सरकार व्यापारिक रास्तों को हर हाल में पूरी तरह सुरक्षित रखने की लगातार कोशिश कर रही है। 17 जून को हुए एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद से वहां कच्चे तेल और उर्वरक की आपूर्ति लगातार जारी है। इस दौरान कच्चा तेल और उर्वरक लेकर कुल 11 जहाज भारत के लिए बहुत ही सुरक्षित तरीके से रवाना हो चुके हैं। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में मौजूद 10 अन्य जहाजों के भी जल्द ही सुरक्षित भारत लौटने की पूरी उम्मीद है।

बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा

इस कूटनीतिक बैठक और अहम वार्ता के बीच विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई है। भारत ने पड़ोसी देश में हिंदू मूर्तियों में तोड़-फोड़ और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों की खबरों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। यह अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा का एक बहुत ही गंभीर और अहम कूटनीतिक मुद्दा है।

भारत ने यह उम्मीद जताई है कि बांग्लादेशी सरकार वहां मौजूद चरमपंथी तत्वों के खिलाफ बहुत ही सख्त और कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही बांग्लादेश की सरकार को अपने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की पूरी और पुख्ता सुरक्षा भी हर हाल में जरूर सुनिश्चित करनी होगी। दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर कूटनीतिक स्तर से बातचीत लगातार हो रही है।

विदेश मंत्रालय की कड़ी नजर

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता ने इस अहम मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि भारत वहां की हर एक स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। वैश्विक मंच पर अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना भारत की हमेशा से ही सबसे बड़ी और पहली रणनीतिक प्राथमिकता रही है। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा से पूरी तरह से तैयार और तत्पर है।

पड़ोसी देशों में रहने वाले सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा भी भारत के लिए कूटनीतिक रूप से उतना ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। भारत अपनी विदेश नीति के तहत इन सभी अहम मसलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही प्रमुखता और गंभीरता के साथ हमेशा उठाता रहेगा। ब्रिक्स की यह अहम बैठक इन सभी सुरक्षा चिंताओं को दूर करने का एक बड़ा मंच है।

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