'जो हमें छेड़ेगा, हम उसे छोड़ेंगे नहीं', वहां से गोली तो यहां से गोला- JP नड्डा

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कारगिल विजय दिवस पर आज पार्टी मुख्यालय से कहा पहले सेना को इंतजार कराया जाता था लेकिन अब मोदी जी के नेतृत्व में अब ऐसा नहीं होता है। अब हम गोली का जबाव गोले से देते है।
'जो हमें छेड़ेगा, हम उसे छोड़ेंगे नहीं', कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम में बोले जेपी नड्डा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (फोटो- सोशल मीडिया)
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BJP President On Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस पर, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि यह दिन देशभक्ति और बलिदान की मिसाल है। उन्होंने कारगिल युद्ध की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे भारतीय सेना ने चोटियों पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को धूल चटाई थी। पिछली सरकारों की सुरक्षा नीति की आलोचना करते हुए नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर वहां से गोली चलेगी, तो यहां से गोला दागा जाएगा।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि हम कारगिल में शामिल सैनिकों को नमन करते हैं और उन्हें याद करते हैं। पाकिस्तानी सेना भारत के कई सेक्टरों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही थी, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आदेश दिया था कि हमारी सेनाएं इन जगहों को वापस ले लें और वहां तिरंगा झंडा फहराएं।

कारगिल विजय दिवस पर जेपी नड्डा ने क्या कहा?

जेपी नड्डा ने कहा कि यह बहुत कठिन लड़ाई थी। पाकिस्तानी सेना ऊंचाई पर बैठी थी और भारतीय सेना नीचे। पाकिस्तानी सेना को इसका फायदा मिल रहा था। इसी माहौल में यह ऑपरेशन शुरू किया गया। 81 दिनों की लड़ाई के बाद हमें जीत मिली। उन्होंने कहा कि जब हम सुरक्षा की बात करते हैं, तो हमें यह भी जानना चाहिए कि नीति निर्माताओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। बहुत से नागरिक ऐसे हैं जिन्हें यह नहीं पता कि जब सैनिक सीमा पर पुंछ में खड़ा होता था, जब पाकिस्तान गोलीबारी करता था, तो सैनिक नगरोटा को सूचित करता था और नगरोटा चंडीमंदिर को सूचित करता था और चंडीमंदिर दिल्ली को सूचित करता था। तब कहा जाता था कि इंतजार करो, जब बताया जाए तब जवाब दो। हमने ऐसे नीति निर्माता देखे हैं।

'गोली तब तक चलानी है जब तक...'

जेपी नड्डा ने कहा कि जब से पीएम मोदी ने पद का कार्यभार संभाला तो, यह तय हो गया है कि अगर वहां से गोली चलेगी, तो यहां से भी गोले दागे जाएंगे। जब तक गोलीबारी बंद न हो जाए, तब तक गोलियां चलानी हैं। यह हमारा नया सामान्य भारत है। हम सब जानते हैं कि उरी की घटना के बाद प्रधानमंत्री ने बयान दिया था कि "पाकिस्तान, तुमने बहुत बड़ी गलती की है, तुम्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।" इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने ऐसा बयान नहीं दिया था।

हम घर में घुसकर मारेंगे

उन्होंने कहा कि 26/11 की तरह हम डोजियर लेकर नहीं गए। चाय पीकर डोजियर सौंपने का जमाना अब खत्म हो गया है। हम सब जानते हैं कि इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तान के लॉन्चिंग पैड तबाह कर दिए। पुलवामा के बाद भी यही हुआ। पहलगाम के बाद प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस घटना के बाद पाकिस्तान को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी और उसे कल्पना से परे जवाब मिलेगा। आपको याद होगा कि प्रधानमंत्री ने कहा था, "हम घर में घुसकर मारेंगे।"

कोई हमें छेडेगा तो छोडेंगे नहीं

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कर दिया है कि जो हमें छेड़ेगा, हम उसे छोड़ेंगे नहीं। उन्होंने यह भी कहा था कि परमाणु बम की धमकियां देना बंद करो। और सबसे बड़ी बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि नीति निर्माताओं के सही चयन से देश कैसे बदलता है। उन्होंने यह भी कहा कि 10 वर्षों में सीमावर्ती क्षेत्रों में 8,000 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। 400 से अधिक डबल लेन पुलों का निर्माण किया गया है।

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