BJP सांसद तेजस्वी सूर्या ने वक्फ और किसान भूमि विवाद को लेकर लिखा पत्र, वक्फ JPC से की बड़ी मांग
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने वक्फ संशोधन विधेयक जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल को पत्र लिखकर उनसे वक्फ बोर्ड के साथ अपने भूमि विवादों पर चर्चा करने के लिए विजयपुरा जिले के किसानों को गवाह के रूप में आमंत्रित करने का अनुरोध किया हैं।
- Written By: प्रतीक मिश्रा
फाइल फोट: तेजस्वी सूर्या, बीजेपी सांसद [स्रोत: ANI]
नई दिल्ली: कर्नाटक की दक्षिण बेंगलुरु लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल को एक पत्र लिखा हैं, जो राजनीतिक हल्कों में चर्चा का विषय बन गया हैं।
दरअसल, सांसद तेजस्वी सूर्या ने JPC के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है, कि वे कर्नाटक के विजयपुरा जिले के किसानों को वक्फ बोर्ड के साथ उनके भूमि विवादों पर चर्चा करने के लिए गवाह के रूप में आमंत्रित करें।
इसे भी पढ़ें : दिवाली के लिए न्यूयॉर्क शहर में ऐतिहासिक ऐलान, पहली बार लिया गया ऐसा फैसला
सम्बंधित ख़बरें
कर्नाटक BJP अध्यक्ष को लेकर जल्द होगा खुलासा, पर्यवेक्षकों ने दिल्ली में सौंपी रिपोर्ट, इन नामों पर चर्चा तेज
अशोक खरात मामले में हुआ बड़ा खुलासा, डर का माहौल पैदा कर करता था बड़ी रकम की वसूली
Green Card Rule: अमेरिका का नया और सख्त नियम, ग्रीन कार्ड के लिए अब वापस लौटना होगा स्वदेश
‘नवभारत सोशल इम्पैक्ट समिट 2026’ में बोले चंद्रकांत पाटिल, समाजसेवा को बताया सच्ची ऋषि परंपरा
BJP MP Tejasvi Surya writes a letter to Waqf Amendment Bill JPC (Joint Parliamentary Committee) Chairman Jagdambika Pal requesting him to invite farmers from Vijayapura District as witnesses to discuss their land disputes with Waqf Board. pic.twitter.com/2IyHYfNc2n — ANI (@ANI) October 30, 2024
सांसद तेजस्वी सूर्या ने अपने पत्र में कहा कि विजयपुरा के किसान, जो लगभग सौ सालों से अपनी जमीन पर खेती कर रहे हैं। साथ ही वे 1920 और 1930 से अपनी ज़मीनो का सरकारी रिकॉर्ड रखते हैं। लेकिन, पिछले कुछ महीनों में क्षेत्र के कई किसानो को बिना किसी सबूत या स्पष्टीकरण के उनकी जमीन को वक्फ की संपत्ति घोषित करने वाले नोटिस भेजे गए हैं।
अपने पत्र में सांसद सूर्या ने आगे लिखा कि इनके दावों का दायरा काफी बड़ा है। अकेले उनके गांव में ही करीब 1,500 एकड़ जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में चिन्हित किया गया है। किसानों का दावा है, कि नोटिस भेजे जाने के अलावा, कानून का पालन किए बिना कुछ भूमि खंडों के लिए आरटीसी, पैहानी और म्यूटेशन रजिस्टर में बदलाव किए गए हैं।
इसे भी पढ़ें : Cyber Crime: अस्पताल के बैंक खाते से साइबर जालसाजों ने उड़ाए 29 लाख रुपये, ई मेल भी हैक किया
सीएम ने दिया जवाब
बताया जा रहा है कि किसानों को भेजे गए नोटिसों को लेकर उठे विवाद के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बैकफुट पर आ गए है, जिसको लेकर सीएम सिद्धारमैया ने मंगलवार को कहा कि किसी भी किसान को बेदखल नहीं किया जाएगा और उन्हें जारी किए गए नोटिस वापस ले लिए जाएंगे। यादगीर और धारवाड़ जिलों में भी किसानों को इसी तरह के नोटिस जारी किए जाने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस मामले पर राजस्व मंत्री को संज्ञान लेने के लिए कहूंगा, कहीं भी किसानों को बेदखल नहीं किया जाएगा।
