PM मोदी, गृह मंत्री शाह (File Photo)
BJP Strategy for Upcoming Elections: आने वाले महीनों में पांच अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों को और तेज कर दिया है। बीते कुछ दिनों में पार्टी ने कई उच्चस्तरीय बैठकें की हैं, जिनका उद्देश्य चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना और पार्टी के विभिन्न मोर्चों (फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को जीत दिलाई जा सके।
इस पूरी कवायद की अगुवाई बीजेपी के संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष कर रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने सभी मोर्चों के अध्यक्षों के साथ एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में इस बात पर मंथन हुआ कि हर मोर्चा अपनी संगठनात्मक क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कैसे करे और चुनाव के दौरान जमीनी स्तर पर तालमेल किस तरह मजबूत किया जाए।
इसके बाद बी.एल. संतोष ने अलग-अलग मोर्चों के पदाधिकारियों के साथ क्रमवार बैठकें कीं। इन बैठकों में तैयारियों की समीक्षा की गई, कमियों की पहचान की गई और राज्यों की चुनावी योजनाओं को पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति के साथ जोड़ा गया।
बीजेपी मुख्यालय में हुई बैठक
इस सिलसिले की अंतिम बैठक नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हुई, जिसमें बीजेपी महिला मोर्चा के राज्य चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारी शामिल हुए। बैठक का मकसद पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करना और महिलाओं से जुड़ी चुनावी रणनीति को और प्रभावी बनाना था।
खबरों के अनुसार, चर्चा का केंद्र महिला कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, घर-घर संपर्क अभियान को तेज करना और हर राज्य के अनुसार रणनीति तैयार करना रहा। बताया गया कि बी.एल. संतोष ने महिला मोर्चा के पदाधिकारियों को जमीनी स्तर पर निरंतर संपर्क बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। एक वरिष्ठ पार्टी सूत्र ने कहा, “इस बैठक में महिला मोर्चा ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करने तथा चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।” सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के लिए महिला मतदाता एक महत्वपूर्ण वर्ग हैं, जिन पर पार्टी लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों ने यह भी बताया कि महिला मोर्चा दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में हुए पिछले विधानसभा चुनावों के अनुभवों से सीख लेकर आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करेगा। इसके तहत महिला मोर्चा धार्मिक और सामुदायिक बैठकों का आयोजन करेगा, जिनमें विभिन्न सामाजिक वर्गों की महिलाओं को जोड़ा जाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी शासित राज्यों द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से रखा जाएगा।
सांकेतिक तस्वीर
दक्षिण भारत के राज्यों में मतदाताओं से सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने के लिए महिला मोर्चा “मोदी पोंगल” के नाम से विशेष पोंगल उत्सव आयोजित करने की भी योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को उजागर करना है, जिसमें देश की विविध संस्कृतियों और त्योहारों को सम्मान देने पर जोर दिया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी अलग-अलग क्षेत्रों और संस्कृतियों के त्योहारों में शामिल होने के लिए जाने जाते हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर पोंगल उत्सव में हिस्सा लिया था।खबरों के अनुसार, इस साल भी प्रधानमंत्री के मुरुगन के घर पोंगल कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है, जिसे मतदाताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
सांकेतिक तस्वीर
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इसी तरह पार्टी के अन्य मोर्चों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हर मोर्चे को खास वर्गों तक पहुंच बनाने और अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को जोड़ने का कार्य दिया गया है। पार्टी का लक्ष्य एक समन्वित, मुद्दा आधारित और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी चुनावी मुहिम चलाना है, ताकि विधानसभा चुनावों में बीजेपी और एनडीए उम्मीदवारों को अधिकतम समर्थन मिल सके।