अन्ना हजारे
नई दिल्ली: भारतीय सामाजिक कार्यकर्त्ता होने के साथ ही अन्ना हजारे युं तो कई मुद्दों पर आन्दोलन के नेतृत्वकर्ता के रूप में जाने जाते है। अन्ना हजारे महात्मा गांधी की विचारधारा पर चलने वाले समाजसेवक हैं। लेकिन अन्ना ने लोकपाल बिल को पास करवाने से लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ तब आवाज बुलंद की थी, जब केजरीवाल जैसे दर्जनों उनके अनुयायी हुआ करते थे। उनके इसी जज्बे के चलते देशभर में उनके करोड़ों चाहने वाले हैं।
आज उनके आने वाले जन्मदिन के मौके पर हम आपको अन्ना से जुड़ी कुछ खास बातों से अवगत कराएंगे।
देखा जाए तो अन्ना हज़ारे देश की सेना में अपना कर्तव्य निभाने के बाद 80 के दशक में महाराष्ट्र में एक ऐसा चेहरा बनकर उभरे जो सरकारी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक मशाल जलाने का बेहद जोखिम लिया। दरअसल एक केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ बोलने की जुर्रत करना किसी ने नही किया था। कांग्रेस से लेकर शिवसेना-बीजेपी की सरकारों से वे टकराते रहे लेकिन वे फिर भी न झुके, न बिके।