प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना जहर जैसा, नवभारत कॉन्क्लेव में भूमि पेडनेकर ने क्यों कही यह बड़ी बात?

Bhumi Pednekar in Navbharat Conclave: भूमि पेडनेकर ने कहा कि हम जिस पर्यावरण में बड़े हुए हैं, शायद वह हमारे बच्चों को न मिले और इसके लिए हम जिम्मेदार हैं। हमें प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकना होगा।
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(नवभारत कॉन्क्लेव के मंच पर बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर)
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Bollywood Actress Bhumi Pednekar in Navbharat Conclave 2026: हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘नवभारत कॉन्क्लेव’ में बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन पर अपने विचार रखे। इसके अलावा बॉलीवुड एक्ट्रेस ने महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की भागीदारी जैसे मुद्दे पर भी खुलकर बात कीं। वहीं, पर्यावरण के मुद्दे पर भी उन्होंने काफी मुखरता से अपने विचार रखे। भूमि पेडनेकर ने लोगों से अपील की कि वे इस धरती को अपने घर की तरह समझें।

भूमि ने कहा कि हम जिस पर्यावरण में बड़े हुए हैं, वह शायद हमारे बच्चों को न मिले, और इसके लिए हम सब जिम्मेदार हैं। हमें प्लास्टिक के इस्तेमाल और बर्बादी को रोकना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'विकसित भारत' का एक बड़ा स्तंभ 'सिटीजन लेड इनिशिएटिव' यानी नागरिकों द्वारा की गई पहल होनी चाहिए क्योंकि सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती।

प्लास्टिक के खिलाफ भूमि ने छेड़ा जंग

पर्यावरण के प्रति अपनी इसी सोच को हकीकत में बदलने के लिए भूमि ने करीब नौ महीने पहले अपनी एंटरप्रेन्योर जर्नी शुरू की। उन्होंने देखा कि सुपरमार्केट में मिलने वाली ड्रिंक्स की बोतलों में प्लास्टिक और हानिकारक केमिकल्स की भरमार है। इसी को बदलने के लिए उन्होंने 'Backob' (बैकब) नाम का एक बेवरेज ब्रांड शुरू किया, जो सस्टेनेबिलिटी पर आधारित है। उनका मकसद एक ऐसा ब्रांड बनाना है जो इंटरनेशनल ब्रांड्स को टक्कर दे सके।

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(नवभारत कॉन्क्लेव के मंच पर बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर)

प्लास्टिक की बोतल में पानी जहर जैसा

भूमि पेडनेकर ने कहा कि प्लास्टिक की बोतल से पानी पीना जहर पीने जैसा है, क्योंकि इसमें मौजूद माइक्रोप्लास्टिक्स शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी नानी-दादियों की जीवनशैली हमेशा से सस्टेनेबल और प्रकृति के करीब रही है। वे चाहती हैं कि हम अपनी उसी पुरानी समझ और आयुर्वेद की ताकत को फिर से अपनाएं ताकि एक स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

मैं भारत के विकास में योगदान करती रहूंगी

नवभारत कॉन्क्लेव के मंच से बोलते हुए भूमि पेडनेकर ने कहा कि मैं इस देश की नगारिक हूं और इस देश में कुछ भी होता है उसका सीधा असर मुझ पर होता है, और जो मेरे एक्शन हैं उसका डायरेक्ट असर देश पर पड़ता है। उसी जिम्मेदारी को मैंने थोड़ी गंभीरता से लिया है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि यह मौका मुझे मिला है। मैं भारत के विकास में अगर कुछ भी योगदान कर सकती हूं तो करती रहूंगी।

‘मल्टी-ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का मौका’

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की एक तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और हमारे पास अगले 21 सालों में एक मल्टी-ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने का मौका है, लेकिन इस लक्ष्य को हम तब तक हासिल नहीं कर सकते जब तक हम अपनी आधी आबादी, यानी महिलाओं को नजरअंदाज करेंगे।

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