युद्ध से पहले इंडियन नेवी ने समुद्र में बढ़ाई ताकत, DRDO के साथ मिलकर किया स्वदेशी मिसाइल MIGM का परीक्षण, देखें-VIDEO
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के बाद भारतीय नौसेना और डीआरडीओ को बधाई दी। MIGM एक प्रकार की आधुनिक समुद्री बारूदी सुरंग है, जो खतरों को भांपकर जहाजों या पनडुब्बियों को अपना निशाना बनाती है।
- Written By: अक्षय साहू
इंडियन नेवी ने किया MIGM का सफल परीक्षण (फोटो सोर्स- ANI)
नई दिल्ली: पाकिस्तान से युद्ध की आशंकाओं के बीच भारतीय नौसेना ने समुद्र में अपनी ताकत को कई गुना बढ़ाने का काम किया है। नौसेना ने सोमवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के साथ मिलकर स्वदेशी तकनीक से विकसित मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) मिसाइल का सफल परीक्षण किया। मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और नौसेना को बधाई दी है।
#WATCH | DRDO (Defence Research and Development Organisation) and Indian Navy successfully conducted validation trial of Multi-Influence Ground Mine. This system will further enhance undersea warfare capabilities of Indian Navy. (Video Source: DRDO) pic.twitter.com/tnaASlhpvt — ANI (@ANI) May 5, 2025
राजनाथ सिंह ने दी DRDO और नौसेना को बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण पर भारतीय नौसेना और डीआरडीओ को बधाई दी। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘भारतीय नौसेना और डीआरडीओ ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस उपलब्धि के लिए मैं DRDO और भारतीय नौसेना को बधाई देता हूं। यह सिस्टम भारतीय नौसेना की ताकत को बढ़ाएगा।’
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The @DRDO_India and @indiannavy successfully undertook combat firing (with reduced explosive) of the indigenously designed and developed Multi-Influence Ground Mine (MIGM).
Raksha Mantri Shri @rajnathsingh has complimented DRDO, Indian Navy and the Industry on this… pic.twitter.com/pOvynpBcr5 — रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) May 5, 2025
भारत के लिए परीक्षण क्यों है खास
मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) का यह परीक्षण भारत के लिए कई मायनों में अहम है। यह परीक्षण भारत की आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली के संकल्प को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। MIGM मिसाइल अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जो भारतीय नौसेना की सामरिक क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अपनी सटीकता और प्रभावशीलता को साबित किया, जिससे यह पता चलता है कि भारत रक्षा प्रौद्योगिकी के मामले में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
बेहद खास है ये प्रणाली
मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन एक प्रकार की आधुनिक समुद्री बारूदी सुरंग है, जो कई अलग-अलग प्रकार के खतरों को भांपकर जहाजों या पनडुब्बियों को निशाना बनाती है। MIGM पारंपरिक बारूदी सुरंगों से अधिक उन्नत होती है, क्योंकि यह एक साथ कई सेंसरों और ट्रिगर मैकेनिज्म का उपयोग करती है, जिससे इसे निष्क्रिय करना या बचना मुश्किल हो जाता है।
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पाकिस्तान ने भी किया था परीक्षण
भारत की ओर से मिसाइल परीक्षण किए जाने से पहले पाकिस्तान ने भी सोमवार को अपने फतह मिसाइल का परीक्षण किया था। पाकिस्तान ने अपनी फतह सीरीज की सतह-से-सतह पर हमला करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया था। इस मिसाइल की रेंज 120 किमी है।
