असम और नागालैंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों ने किया गणतंत्र दिवस का बहिष्कार, जानें पूरा मामला

Republic Day 2023
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नई दिल्ली: भारत में जहाँ एक ओर गणतंत्र दिवस (Republic Day) को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं तो वहीं दूसरी ओर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम इंडिपेंडेंट (ULFA-I) और नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (NSCN-K) ने 26 जनवरी को आम हड़ताल (general strike) का आह्वान किया और क्षेत्र के लोगों से गणतंत्र दिवस समारोह का बहिष्कार (boycott) करने की अपील की। उन्होंने 26 जनवरी को 12.01 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण बंद का आह्वान किया है।  

आपको बता दें कि उल्फा या यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रण्ट ऑफ़ असम (United Liberation Front of Asom) भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में सक्रिय एक प्रमुख आतंकवादी और उग्रवादी संगठन हैं। सशस्त्र संघर्ष के द्वारा असम को एक स्वतन्त्र राज्य बनाना इसका लक्ष्य है। इसे उल्फा-I के नाम से भी जाना जाता है। 

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वहीं नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड पूर्वोत्तर भारत में स्थित ईसाई आतंकी संगठन है। जो मुख्य रूप से उत्तर पश्चिमी म्यांमार और भारत के नागालैंड में आतंकी हमले करता रहता है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य नागालैंड में सभी का धर्मांतरण कर उन्हें ईसाई बनाना है। इसमें मुख्य रूप से नगा लोगों जो पूर्वोत्तर भारत और उत्तर पश्चिमी म्यांमार के हैं, इस संगठन द्वारा जबर्दस्ती धर्मांतरण किया जाता है। 

यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम इंडिपेंडेंट और नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड ने गणतंत्र दिवस पर अपने लोगों से बहिष्कार करने की अपील की है और इसके विरोध में हड़ताल भी करने की प्लानिंग में है। फिलहाल उनके इस मनसूबे को नाकाम करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं हैं। फ़िलहाल दिल्ली के लाल किला में तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं सेना और अन्य सुरक्षा बल परेड की तैयारी कर रहे हैं।

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