'मदरसों की तालीम में आतंकवाद, मुसलमान डॉ. मुल्ला मत बनो'; बागेश्वर बाबा का विस्फोटक बयान

बागेश्वर धाम के प्रमुख Dhirendra Shastri इस समय सनातन एकता पदयात्रा कर रहे है इस यात्रा के दौरान उन्होंने मुसलमानों पर हमला बोलते हुए नसीहत दे डाली की बच्चों को डॉ मुल्ला न बनाएं।
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बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (फोटो- सोशल मीडिया)
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Bageshwar Baba Dhirendra Shastri Statement on Muslim: हरियाणा में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन एकता पदयात्रा' के आखिरी दिन माहौल गरमा गया। होडल में यात्रा के दौरान अचानक बाबा बागेश्वर की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सड़क पर ही लेटाना पड़ा। समर्थकों ने उन्हें संभाला। लेकिन तबीयत खराब होने के बावजूद धीरेंद्र शास्त्री रुके नहीं। उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट को आतंकवादी हमला बताते हुए एक बड़ा और विवादास्पद बयान दे डाला, जिसने नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने मुस्लिमों को सीधी नसीहत देते हुए 'डॉ. मुल्ला' न बनने की बात कही।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि दिल्ली में किया गया हमला आतंकवादी था और इस हमले के जरिए उनकी पदयात्रा को भी टारगेट करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि वे हिंदुओं को डराना चाहते थे, ताकि हिंदू यात्रा से अलग हो जाएं। शास्त्री ने आगे कहा, "मौलवी मदरसे में बच्चों को डॉ. कलाम बनाएं, डॉ. मुल्ला नहीं," जो आतंकवाद में पकड़े गए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो "पूरी कौम को दिक्कत होगी" और उन्हें देश में रहने में खतरा होगा।

मदरसे की तालीम को बताया 'आतंकवादी वाली'

बाबा बागेश्वर यहीं नहीं रुके। उन्होंने सीधे तौर पर मदरसे की तालीम को 'आतंकवादी वाली' बता दिया। उन्होंने कहा, "दूसरों को काफिर कहने वालों के अंदर मजहबी सोच है।" शास्त्री ने मौलवियों को संदेश देते हुए कहा कि बच्चों को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाना चाहिए, न कि कट्टरपंथी सोच का। उन्होंने हिंदुओं को चेताया कि अगर वे एक नहीं हुए तो हर गली-मोहल्ले में बम फूटेंगे। शास्त्री ने आज की यात्रा को शहीद हेमराज के नाम समर्पित किया और कहा कि शहीदों को केवल मंच तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

'जान चली जाए, यात्रा नहीं रुकेगी'

अपनी बिगड़ी तबीयत पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनकी तबीयत से ज्यादा हिंदुओं की तबीयत खराब है। उन्होंने कहा, "मेरी जान, मन, हेल्थ सब हिंदुत्व के लिए कुर्बान है। जान चली जाए, लेकिन यात्रा बंद नहीं होगी।" यह यात्रा का छठा और हरियाणा में आखिरी दिन था। यात्रा होडल अनाज मंडी से शुरू हुई और राज्य में करीब 8 किलोमीटर का सफर तय कर यूपी बॉर्डर में प्रवेश कर गई। इस बीच, एक खास बात यह भी रही कि फैज खान के नेतृत्व में पहली बार 300 से ज्यादा मुस्लिम भी इस पदयात्रा में साथ चले। धीरेंद्र शास्त्री अब 16 नवंबर को वृंदावन में 'मथुरा का कलंक मिटाने' के लिए होने वाले महा हिन्दू सम्मेलन में 3.0 यात्रा की घोषणा भी करेंगे।

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