पाक पर 'प्रहार'...दुश्मन देश दुस्साहस करेगा तो करारा जवाब देने को भारत तैयार, वायु सेना ने चेताया

IAF Chief: वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में भारत और खासकर भारतीय वायुसेना दो मोर्चों पर युद्ध लड़ने के लिए मुस्तैद है। उन्होंने विजय दिवस पर यह बात कही।
Attack on Pakistan... Indian Air Force ready to give a befitting reply if the enemy country dares, Air Force Chief warned
भारतीय वायुसेना।
Published on
Updated on

Vijay Diwas: भारतीय वायुसेना (IAF) प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि भारतीय वायु सेना किसी भी शत्रु देश के दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। किसी भी आपात स्थिति में भारत और विशेष रूप से वायु सेना दो मोर्चों पर युद्ध लड़ने के लिए मुस्तैद है। यह बात उन्होंने 1971 में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक विजय के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे विजय दिवस पर बुधवार यानी 10 दिसंबर को आयोजित हवाई प्रदर्शन में भाग लेते हुए कही।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने डिब्रूगढ़ में पत्रकारों से कहा कि भारतीय वायु सेना पिछले अनुभवों के आधार पर अपनी स्टील्थ क्षमता और रणनीति में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई शत्रु राष्ट्र किसी तरह का दुस्साहस करता है तो हम उसे करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

1971 युद्ध में वायु सेना का योगदान

वायु सेना प्रमुख ने 1971 के युद्ध में भारतीय वायु सेना के महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वायु सेना ने जिस दृढ़ता से डटकर काम किया, चाहे वह नवंबर में दिन के समय चलाए गए अभियान हों, अंतिम प्रहार हों या बांग्लादेश में राज्यपाल भवन पर हमला, उसने निर्णायक रूप से युद्ध का अंत किया। सशस्त्र बलों की उन 13 दिनों की त्वरित कार्रवाई में पाक को दबाव में झुकते और युद्ध विराम की अपील करते देखा गया।

युद्ध में बड़े पैमाने पर जीत दिला सकते हैं संयुक्त अभियान

एयर चीफ मार्शल सिंह ने 1971 के युद्ध को संयुक्त कार्यकुशलता की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, नदी पार करने या हवाई मार्ग से सामान गिराने जैसे नियोजित अभियान सेना और वायु सेना के घनिष्ठ समन्वय बिना संभव नहीं होते। जिस तरह नौसेना समेत तीनों सेनाओं ने सक्रिय भागीदारी के साथ मिलकर काम किया, उससे यह महत्वपूर्ण सबक मिला कि संयुक्त अभियान युद्ध में बड़े पैमाने पर जीत दिला सकते हैं।

सुखोई एसयू-30 और एमआई-17 ने दिखाए करतब

इससे पहले दिन में भारतीय वायु सेना ने डिब्रूगढ़ के मोहनबारी वायु सेना स्टेशन पर शानदार हवाई प्रदर्शन के साथ 1971 के युद्ध में अपनी ऐतिहासिक जीत का उत्सव मनाया। पूर्वी वायु कमान की ओर से आयोजित समारोह ने आम जनता, सैन्य और नागरिक क्षेत्र के गणमान्य लोगों, वायु सेना के अनुभवी वरिष्ठों और सैकड़ों उत्साही स्कूली बच्चों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के कुछ सबसे शक्तिशाली विमान शामिल थे, जिनमें सुखोई एसयू-30 लड़ाकू विमान, डोर्नियर डीओ-228 निगरानी विमान, एंटोनोव एएन-32 परिवहन विमान, चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर शामिल थे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com