

Himanta Biswa Sarma Cabinet Ministers: आज का दिन असम बीजेपी के लिए ऐतिहासिक रहा। राज्य में बीजेपी ने एक नई राजनीतिक अध्याय की शुरुआत की। असम में तीसरी बार एनडीए की सरकार सत्ता में आई है। वहीं, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज फील्ड में हुआ। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत देश-विदेश के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री के साथ भाजपा की अजंता नियोग, रामेश्वर तेली, अगप प्रमुख अतुल बोरा और बीपीएफ के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा, पूर्व मंत्री रंजीत कुमार दास को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए राजग का उम्मीदवार घोषित किया गया है। जानते हैं असम सरकार की कैबिनेट में शामिल मंत्रियों की प्रोफाइल
अजंता निओग असम की गोलाघाट विधानसभा सीट से विधायक हैं। यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम ने 1996 इनके पति नागेन नियोग की हत्या कर दी थी। पति की मृत्यु के बाद इन्होंने राजनीति में कदम रखा। अजंता 2001 से लगातार पांच बार इस सीट से विधायक हैं। उन्होंने 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा।
हिमंता बिस्वा सरमा के पिछले कार्यकाल में वित्त और महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया था। राज्य के इतिहास में अजंता नियोग असम की पहली महिला वित्त मंत्री हैं। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से एक विधि में स्नातक की पढ़ाई की है। राजनीति पारी शुरु करने से पहले वो एक वकील के रूप में सक्रिय थीं।
रामेश्वर तेली वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। इन्होंने दुलियाजन विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है। इसके पहले रामेश्वर 2014 और 2019 में डिब्रूगढ़ सीट से सांसद चुने गए था। 2019 में ये केंद्र सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में यह सीट पूर्व सीएम सर्वानंद सोनोवाल के लिए छोड़नी पड़ी। अब हिमंता के नए कैबिनेट में इनको जगह मिली है।
अतुल बोरा असम गण परिषद के अध्यक्ष हैं। अतुल ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए और विधि स्नातक की पढ़ाई की है। छात्र जीवन से ही राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे। पहली बार वे 1996 में गोलाघाट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2016 से बोकाखाट निर्वाचन क्षेत्र से लगातार विधायक हैं।
ये भी पढ़ें-
चरण बोरो असम में बीजेपी की सहयोगी पार्टी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट से विधायक हैं। विधानसभा चुनाव में मजबाट सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
इस चुनाव में हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रत्याशी प्रीति रेखा बरला को 55 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया।