'अगर मैं PM होता तो...'; ओवैसी ने पहलगाम हमले पर सरकार को घेरा, कहा- देश तैयार था

AIMIM Cheaf: Gujrat से लेकर Kashmir तक Pakistan की ओर से ड्रोन गतिविधियों का दावा करते हुए Owaisi ने कहा कि युद्ध के पूरे-पूरे हालात थे। ऐसे में सरकार को पीछे न हटते हुए संसद में POK की बात होनी थी।
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AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (फोटो- सोशल मीडिया)
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AIMIM Cheaf Asaduddin Owaisi on Operation Sindoor: प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने का एक सुनहरा मौका था, जिसे सरकार ने गंवा दिया। पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओवैसी ने कहा कि जब पूरा देश बदले की भावना से एकजुट था, तब सरकार ने सैन्य कार्रवाई को रोककर राष्ट्र की भावनाओं की अनदेखी की। उन्होंने सरकार के इस कदम पर हैरानी जताते हुए उसकी नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

ओवैसी ने दावा किया कि उस दौरान गुजरात से लेकर कश्मीर तक पाकिस्तान की ओर से लगातार ड्रोन गतिविधियां हो रही थीं, जिससे युद्ध जैसे हालात बने हुए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे नाजुक समय में सरकार को पीछे नहीं हटना चाहिए था। ओवैसी ने सरकार के मौजूदा रुख पर तंज कसते हुए कहा, “अब ये लोग संसद में बैठकर पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) हासिल करने की बातें करते हैं।” इसके साथ ही उन्होंने एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में पाकिस्तान को लेकर सरकार की नीति की भी आलोचना की।

'अगर आप पीएम होते तो क्या करते?'

जब पत्रकारों ने असदुद्दीन ओवैसी से यह सवाल पूछा कि अगर वह उस परिस्थिति में देश के प्रधानमंत्री होते तो क्या करते, तो उन्होंने इस काल्पनिक सवाल में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। ओवैसी ने कहा, “मैं वास्तविकता पर ध्यान केंद्रित करता हूं और अपनी सीमाएं अच्छी तरह जानता हूं। मेरा लक्ष्य सिर्फ प्रधानमंत्री या मंत्री बनना नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वह काल्पनिक बातों के बजाय जमीनी हकीकत पर बात करना पसंद करते हैं और अपनी सीमाओं में रहकर ही राजनीति करते हैं।

सरकार का दावा- रुका नहीं, थमा है ऑपरेशन

इस मामले पर सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया है कि आतंकियों के खिलाफ शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि उस पर केवल विराम लगाया गया है। यह सैन्य अभियान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के ठिकानों और उनके हवाई अड्डों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था।

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