चमोली मुद्दे को लेकर पीएम मोदी पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, जानें क्यों कहा वह दुबई के प्रधानमंत्री नहीं?

AIMIM यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर मुसलमानों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है।
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नई दिल्ली: AIMIM यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर मुसलमानों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि भारत में मुसलमानों को अछूत बना दिया गया है।

असदुद्दीन ओवैसी ने माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में यह भी दावा किया कि उत्तराखंड के चमोली में 15 मुस्लिम परिवारों का सामूहिक बहिष्कार किया जा रहा है। चमोली के व्यापारियों ने धमकी दी है कि मुसलमानों को 31 दिसंबर तक चमोली छोड़ना होगा। अगर मकान मालिक मुसलमानों को घर देते हैं तो उन्हें 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।

मुसलमानों के बीच मसीहा माने जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "यह वही उत्तराखंड है जहां सरकार समानता के नाम पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर रही है। क्या चमोली के मुसलमानों को समानता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार नहीं है? अगर पीएम नरेंद्र मोदी अरब के शेखों को गले लगा सकते हैं, तो वे चमोली के मुसलमानों को भी गले लगा सकते हैं। आखिर मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं, सऊदी या दुबई के नहीं।"

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, उत्तराखंड के चमोली के खानसर कस्बे में व्यापारियों के एक संगठन ने एक प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के अनुसार, इस इलाके में रहने वाले 15 मुस्लिम परिवारों को 31 दिसंबर तक यह इलाका छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर वे दिए गए समय में ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि कई मुस्लिम परिवार दशकों से यहां रह रहे हैं। इस इलाके को चमोली के नाम से जाना जाता है, जो उत्तराखंड की राजधानी से 260 किलोमीटर दूर है।

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