अरुणाचल में बारिश बनी आफत! भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से मची तबाही, एक की मौत; वायुसेना ने संभाला मोर्चा

Arunachal Pradesh Flash Flood: अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। हादसे में एक शिक्षिका की मौत हो गई है जबकि चार अन्य लापता हैं।
Rain wreaks havoc in Arunachal; landslides and flash floods cause devastation, one dead; Air Force steps in.
अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Arunachal Pradesh Flash Flood Landslide News In Hindi: अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। राज्य के केयी पान्योर जिले में बुधवार तड़के अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है।

इस प्राकृतिक आपदा में अब तक एक महिला की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि चार अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने जानकारी दी है कि इस घटना में कम से कम 17 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

नीपको कॉलोनी में भारी तबाही

अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान याजाली सर्कल के तहत पूसा में स्थित नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी में हुआ है। तड़के आई बाढ़ के दौरान विवेकानंद केंद्र विद्यालय (VKV) की 35 वर्षीय शिक्षिका निर्मला गुप्ता लापता हो गई थीं, जिनका शव बाद में सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद कर लिया गया।

हालांकि, आपदा में लापता चार अन्य लोगों एलेश मारक (13), बलारी मारक (30), ताओ अंजिना (46) और सौरव कुमार का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। जिला प्रशासन ने खराब रोशनी और प्रतिकूल मौसम के कारण बुधवार शाम तलाशी अभियान रोक दिया था, जिसे गुरुवार सुबह फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

निर्माणाधीन दीवार ढहने से बढ़ा जलस्तर

राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलू ने बताया कि लगातार बारिश के कारण एक निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल ढह गई, जिससे रिहायशी इलाकों में पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। इस हादसे में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 18 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, लेकिन स्थानीय सूत्रों का दावा है कि प्रभावित या बहने वाले घरों की संख्या 50 से अधिक हो सकती है।

बचाव अभियान के दौरान SDRF ने याजाली रिजर्वायर से बिशु सिन्हा नामक व्यक्ति को सुरक्षित निकाला, जबकि नेशनल हाईवे-13 से एक भूवैज्ञानिक वैज्ञानिक को भी रेस्क्यू किया गया है। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को बेहतर इलाज के लिए जीरो शिफ्ट किया गया है।

राहत कार्यों में जुटी वायुसेना

हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से ईटानगर से पिटापूल तक राहत सामग्री और रबर बोट पहुंचाई गई हैं। SDRF की टीम मौके पर तैनात है और NDRF को भी अलर्ट मोड पर रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो और अधिक एयर सपोर्ट लिया जाएगा।

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सड़क से संपर्क कटा

इस आपदा का असर राज्य की बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ा है। सुरक्षा के मद्देनजर पन्योर लोअर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के रिजर्वायर से पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है, जिससे बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

भारी भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे-13 कई जगहों पर बाधित है, जिससे केयी पान्योर, क्रा दादी, कुरुंग कुमे और लोअर सुबनसिरी सहित छह जिलों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) मार्ग बहाली के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने यात्रियों को फिलहाल इन क्षेत्रों की यात्रा न करने और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी दी है।

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