आंध्र और तेलंगाना में 2 खौफनाक वारदातें: कहीं पिता ने 3 बच्चों को मार डाला तो कहीं 12000 के लिए कत्ल

Andhra Pradesh Crime News: आंध्र प्रदेश के नंद्याल में एक पिता ने अपने तीन मासूम बच्चों की हत्या कर खुदकुशी कर ली, वहीं तेलंगाना में मामूली चिट फंड विवाद में एक व्यापारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
murder in andhra pradesh father killed three childrens
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Andhra Pradesh Murder Case: नंद्याल और जगतियाल से आई दो घटनाओं ने दक्षिण भारत को झकझोर दिया है। एक ओर जहां पारिवारिक दुख और आर्थिक तंगी ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया, वहीं दूसरी ओर मामूली पैसों की रंजिश ने एक बिजनेसमैन की जान ले ली।

आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले के थुडुमलादिन्ने गांव में नए साल के पहले दिन एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां 35 वर्षीय वेमुलपति सुरेंद्र ने अपने तीन मासूम बच्चों- काव्यश्री (7), ज्ञानेश्वरी (4) और सूर्या गगन (2) की जान ले ली और उसके बाद खुद भी मौत को गले लगा लिया। गुरुवार को जब घर से सुरेंद्र और उसके तीनों बच्चों के शव बरामद हुए, तो पूरे इलाके में मातम पसर गया।

पत्नी के वियोग और तंगी ने बनाया हत्यारा?

पुलिस की शुरुआती जांच में इस खौफनाक कदम के पीछे की वजहें बेहद दर्दनाक नजर आ रही हैं। सुरेंद्र की पत्नी महेश्वरी ने पिछले साल 16 अगस्त को खराब स्वास्थ्य के कारण आत्महत्या कर ली थी। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र अपनी पत्नी की मौत से गहरे सदमे में था और अकेले तीन छोटे बच्चों की परवरिश करने की चुनौती से जूझ रहा था। पुलिस को शक है कि सुरेंद्र ने फांसी लगाने से पहले अपने बच्चों को कीटनाशक मिला हुआ कोल्ड ड्रिंक पिलाया था। माना जा रहा है कि वह भारी आर्थिक समस्याओं से घिरा हुआ था और शराब के नशे में उसने इस भयानक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने घटनास्थल से खाने और कोल्ड ड्रिंक के नमूने लैब जांच के लिए भेजे हैं ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।

तेलंगाना: ₹12,000 के बकाया के लिए व्यापारी की हत्या

हिंसा की दूसरी घटना तेलंगाना के जगतियाल जिले के गोविंदापल्ले गांव से सामने आई है। यहाँ एक 58 वर्षीय व्यवसायी अंजय्या की सरेआम हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, इस हत्या का मुख्य कारण एक चिट फंड स्कीम को लेकर हुआ मामूली विवाद था। अंजय्या खुद एक चिट फंड स्कीम चला रहे थे और आरोपी दाशोजू श्रीनू पर उनका 12 हजार रुपये का बकाया था।

पिता और पुत्र ने मिलकर किया हमला

जांच में यह बात सामने आई है कि अंजय्या लगातार श्रीनू से अपने पैसे वापस मांग रहे थे, जिसे लेकर श्रीनू नाराज था। श्रीनू ने आरोप लगाया कि अंजय्या उसे पेमेंट के लिए मानसिक रूप से परेशान कर रहा था, जिसके बाद विवाद हिंसक हो गया। इस झगड़े के दौरान श्रीनू और उसके बेटे दाशोजू वेणु ने मिलकर अंजय्या पर जानलेवा हमला कर दिया। अंजय्या को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। ये दोनों घटनाएं समाज में बढ़ते मानसिक तनाव, आर्थिक असुरक्षा और धैर्य की कमी को दर्शाती हैं। जहाँ एक पिता ने अपनी बेबसी के आगे घुटने टेक दिए, वहीं दूसरे मामले में चंद रुपयों की रंजिश ने अपराधी बना दिया।

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