Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

न्यायपालिका में तल्खी: SC की टिप्पणी से ‘आहत’ इलाहाबाद HC के जस्टिस का जमानत अर्जी सुनने से इनकार

Justice Pankaj Bhatia: इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस पंकज भाटिया ने SC की टिप्पणियों को 'हतोत्साहित' करने वाला बताते हुए जमानत याचिकाएं सुनने से इनकार कर दिया और चीफ जस्टिस से विशेष अनुरोध किया है।

  • Written By: प्रतीक पांडेय
Updated On: Feb 14, 2026 | 09:00 AM

प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया

Follow Us
Close
Follow Us:

Bail Plea Refusal by SC: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस पंकज भाटिया ने भविष्य में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करने से स्पष्ट मना कर दिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके एक पुराने फैसले पर की गई तीखी टिप्पणियों को ‘मनोबल गिराने वाला’ और ‘डराने वाला’ करार दिया है।

न्यायिक स्वायत्तता और शीर्ष अदालत की टिप्पणियां न्यायिक अनुशासन और गरिमा के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस पंकज भाटिया ने शुक्रवार को जमानत अर्जियों पर सुनवाई के दौरान एक बड़ा फैसला लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा था फैसला

पंकज भाटिया ने न केवल लंबित जमानत याचिकाओं को सुनने से इनकार कर दिया, बल्कि हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से औपचारिक अनुरोध किया कि भविष्य में उन्हें जमानत से संबंधित मामले न सौंपे जाएं। जस्टिस भाटिया का यह कदम उस समय आया जब सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा दिए गए एक पुराने जमानत आदेश को न केवल खारिज किया, बल्कि उस पर बेहद सख्त टिप्पणियां भी कीं।

सम्बंधित ख़बरें

न्यायपालिका पर उठते सवाल: 9 साल में जजों के खिलाफ 8600 से ज्यादा शिकायतें, सरकार ने बताया ‘एक्शन’ प्लान

शाबाश! 19 साल के अथर्व चतुर्वेदी ने खुद लड़ा अपना केस, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

‘वोटर लिस्ट से काटे जा रहे लोगों के नाम’… UP की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

31 मई से पहले हर हाल में चुनाव करवाने होंगे, हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

वह मामला जिसने बढ़ाई कानूनी तल्खी

विवाद की जड़ अक्टूबर 2025 का एक मामला है। जस्टिस पंकज भाटिया की एकल पीठ ने दहेज हत्या के एक आरोपी पति को 10 अक्टूबर 2025 को जमानत दी थी। इस मामले में महिला की मौत गला घोंटने के कारण हुई थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में जमानत का आधार यह बताया था कि अभियुक्त 27 जुलाई 2025 से जेल में था और उसका कोई पिछला आपराधिक इतिहास नहीं था।

जब इस आदेश को वादी चेतराम वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तो 9 फरवरी 2026 को शीर्ष अदालत ने इस आदेश को निरस्त कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस फैसले पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे “सबसे निराशाजनक आदेशों में से एक” बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाए थे कि हाई कोर्ट ने अपने विवेक का इस्तेमाल कहां किया? शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल बचाव पक्ष की दलीलों और जेल में बिताई गई अवधि के आधार पर संगीन मामलों में जमानत देना तर्कसंगत नहीं है।

‘एससी की भाषा आहत करने वाली है’

इन टिप्पणियों पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए जस्टिस पंकज भाटिया ने कहा कि किसी भी न्यायाधीश के आदेश को ऊपरी अदालत द्वारा खारिज किया जाना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कोई भी जज यह दावा नहीं कर सकता कि उसका फैसला कभी नहीं बदला जाएगा। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की भाषा और टिप्पणियां हतोत्साहित करने वाली और दुष्प्रभाव डालने वाली हैं, जो एक न्यायाधीश के काम करने के मनोबल को प्रभावित करती हैं।

यह भी पढ़ें: शाबाश! 19 साल के अथर्व चतुर्वेदी ने खुद लड़ा अपना केस, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

शीर्ष अदालत की टिप्पणियां ‘डराने वाली’: जस्टिस भाटिया

न्यायिक गलियारों में चर्चा का विषय जस्टिस भाटिया ने एक अभियुक्त राकेश तिवारी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणियां कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शीर्ष अदालत की टिप्पणियां ‘डराने वाली’ हैं। उनके इस निर्णय ने कानूनी विशेषज्ञों के बीच एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है कि क्या ऊपरी अदालतों की टिप्पणियों की सीमा तय होनी चाहिए ताकि अधीनस्थ या उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश बिना किसी भय या दबाव के अपना कार्य कर सकें। फिलहाल, चीफ जस्टिस को भेजे गए उनके अनुरोध पर क्या फैसला होता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Allahabad high court justice pankaj bhatia refuses bail pleas after supreme court remarks

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 14, 2026 | 09:00 AM

Topics:  

  • Allahabad High Court
  • CJI Surya Kant
  • Supreme Court

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.