'कुछ लेते क्यों नहीं? विक्स की गोली लो', अखिलेश के नोटिस पर BJP सांसद ने कसा तंज, बोले- क्या हाल बना रखा है?

Nishikant Dubey Defamation Notice: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे को पोस्ट हटाने के लिए 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया है। जवाब में बीजेपी सांसद ने सपा मुखिया पर तंज कसा है।
"Why don't you take something? Have a Vicks lozenge," a BJP MP quipped in response to the notice sent by Akhilesh, adding, "What a state you've reduced yourself to!"
अखिलेश यादव और निशिकांत दुबे (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Akhilesh Yadav Warning Nishikant Dubey: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इसके पहले समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केके पाल के द्वारा निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया था।

इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित पुलिस थाने में सपा नेताओं ने निशिकांत दुबे के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। सपा नेताओं की शिकायत के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अखिलेश यादव को कानून का पालन करने की नसीहत तक दे डाली। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता कानून के प्रावधानों के तहत खुद अखिलेश यादव को थाने जाकर शिकायत दर्ज करानी होगी ।

निशिकांत दुबे अखिलेश पर कसा तंज

सपा नेताओं द्वारा मानहानि के कानूनी नोटिस पर बीजेपी सांसद ने पलटवार किया। निशिकांत दुबे ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव, इस तरह का वकील लोग आपको बेइज्जत कर रहा है, मानहानि यदि आपका हुआ है तो नोटिस भी आपकी तरफ से ही आएगा ना, कानून यही कहता है।

अखिलेश पर तंज कसते हुए दुबे ने लिखा कि इस कानून को बनाने वाली कमेटी का मैं भी सदस्य था इसलिए जानकारी है। आपने क्या हालत बना रखी है। कुछ लेते क्यों नहीं? कम से कम विक्स की गोली ले लीजिए।

अखिलेश ने दिया 10 मिनट का समय

अखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर बीजेपी सांसद को चेतावनी देते हुए लिखा कि जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके खिलाफ तत्काल नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

क्या है पूरा मामला?

इस पूरे विवाद की शुरुआत सरवना प्रसाद बालासुब्रमण्यम के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। इस पोस्ट को झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने 5 जुलाई को साझा किया था। पोस्ट में उनका दावा था कि अखिलेश यादव से टिन्नू यादव लगातार संपर्क में था। इस पर भाजपा सांसद ने लिखा कि टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?

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