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मुंबई: दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी इन दिनों अपने नए मुखिया की तलाश कर रही है। बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं का नाम इस दौड़ में शामिल हैं। लेकिन महाराष्ट्र से आने वाले देवेन्द्र फडणवीस का नाम सिर-ए-फेहरिस्त है। ऐसे में अगर देवेन्द्र फडणवीस भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बनते हैं तो वह राजनाथ सिंह की बराबरी कर लेंगे। क्या है पूरा मामला आइए जानते हैं।
वर्तमान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 2022 खत्म हो गया था। जिसे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बढ़ाकर 30 जून 2024 तक कर दिया गया था। 30 जून बीते हुए भी एक महीना हो गया है, लेकिन पार्टी नए अध्यक्ष का चयन नहीं कर पा रही है। लेकिन सियासी गलियारों में उन नामों पर चर्चा होने लगी है जो बीजेपी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। इन चर्चाओं में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस का नाम आगे चल रहा है। हालांकि फडणवीस निजी तौर पर इन ख़बरों को अफवाह बता रहे हैं।
देवेन्द्र फडणवीस को अगर बीजेपी की कमान सौंपी जाती है तो वह दूसरे ऐसे भाजपाई बन जाएंगे जो कि पूर्व में मुख्यमंत्री रहा हो और बाद में पार्टी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाली हो। क्योंकि राजनाथ सिंह के अलावा अब तक कोई दूसरा मुख्यमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री इस पद तक नहीं पहुंच सका है। इससे 2005 से 2009 और 2013 से 2014 तक राजनाथ सिंह पार्टी अध्यक्ष रह चुके हैं।
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राजनाथ सिंह साल 2000 से 2002 के बीच उत्तर मुल्क के सबसे बड़े सियासी सूबे की बागडोर भी संभाल चुके हैं। हालांकि वह इस कुर्सी पर मात्र 1 साल एक 131 दिन ही इस कुर्सी पर रहे थे। वहीं देवेंद्र फडणवीस भी 2014 से लेकर 2019 तक महाराष्ट्र के सीएम की कुर्सी पर आसीन रहे हैं। उन्होंने एक कार्यकाल पूरा किया है तो वहीं दूसरी बार भी वह पांच दिन के लिए सीएम बने थे। ऐसे में एक तरह से देखा जाए तो दो बार सीएम के पद पर रह चुके देवेंद्र फडणवीस पहले ऐसे भाजपाई होंगे जो बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे।
2013 मे राजनाथ सिंह ने अध्यक्ष बनने के बाद कई बड़े फैसले लिए थे। जिसकी वजह से पार्टी 2014 में सत्ता में आने में कामयाब रही थी। इन कड़े डिसीजन्स में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेन्द्र दामोदर दास मोदी का नाम आगे करना भी शामिल था। कहा जा रहा है कि राजनाथ सिंह के इस फैसले का पार्टी कें अंदर कई दिग्गज नेताओं ने विरोध किया था। लेकिन 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के साथ ही विरोध ख़त्म हो गया। इसके बाद राजनाथ मोदी 1.0 में गृह मंत्री बने और पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
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