

AAP MP Sanjay Singh Ram-Haram Statement in Rajya Sabha: संसद के शीतकालीन सत्र में 'VB-G RAM G' बिल पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के एक बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया। राज्यसभा में बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि 'राम के नाम में चरित्र होना चाहिए, वरना तो हराम में भी राम लिखा हुआ है।' उनके इस बयान पर सदन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और सदन के बाहर भी इस बयान पर चर्चा हुई। आधी रात को राज्यसभा से बिल पास होने के साथ-साथ इस विवादित टिप्पणी ने पक्ष-विपक्ष के लिए एक नई राजनीतिक जंग छेड़ दी।
संजय सिंह के इस तीखे हमले पर BJP ने भी पलटवार करने में देर नहीं की। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों को भगवान राम, उनके अस्तित्व और मंदिर के प्रति कभी कोई श्रद्धा नहीं रही है। उन्होंने विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता अब उन्हें उनकी सही जगह दिखा रही है। यह जुबानी जंग बिल पर चर्चा के दौरान और तेज हो गई।
भारी हंगामे और इस विवादित बयानबाजी के बीच 'विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G बिल 2025 राज्यसभा से ध्वनिमत से पारित हो गया। यह नया कानून अब मनरेगा की जगह लेगा, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी। इससे पहले लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया था और वहां भी 14 घंटे की लंबी चर्चा हुई थी।
बिल पास होने से पहले विपक्षी सांसदों ने इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की थी, जिसे सरकार ने नहीं माना। इसके विरोध में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया और बिल पास होने के बाद आधी रात को ही संसद परिसर में धरने पर बैठ गए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि वे इस बिल का विरोध जारी रखेंगे। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा, लेकिन संजय सिंह के 'हराम में राम' वाले बयान पर सियासत अभी थमने वाली नहीं है।