दिल्ली में होली से पहले गर्मी का प्रकोप शुरू (सोर्स- सोशल मीडिया)
मार्च की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। एक तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, तो दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत हैं। भारत मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है, जिससे मार्च की शुरुआत में ही गर्मी का असर महसूस होने लगा है।
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जिसके कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि 4 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी संभव है। मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल गर्म और शुष्क मौसम ही बना रहेगा।
आईएमडी के मुताबिक, न्यूनतम तापमान में अगले 24 घंटों में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन उसके बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। अधिकतम तापमान अगले 7 दिनों में 3 से 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। कई क्षेत्रों में तापमान ‘सामान्य से काफी अधिक’ श्रेणी में दर्ज किया गया है।
पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस समय के लिए असामान्य रूप से ज्यादा है। दिन में 15 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं और कभी-कभी 35 किमी प्रति घंटे तक के झोंके भी आ सकते हैं, जिससे दोपहर में गर्मी का एहसास और बढ़ेगा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फरवरी का महीना पिछले तीन वर्षों में सबसे गर्म रहा और लगभग 98 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इससे वातावरण में शुष्कता बढ़ी है। मार्च के पहले सप्ताह में भी अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ऊपर रह सकता है। दिन में तेज धूप और सूखी हवाओं के कारण दोपहर असहज रह सकती है। हालांकि सुबह और रात के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, लेकिन न्यूनतम तापमान भी धीरे-धीरे बढ़ेगा। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना कम है और होली से पहले गर्मी और तेज हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा सकता है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं। फिलहाल अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में 4 से 8 मार्च के बीच कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। हालांकि निचले इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर ही रहेगा।
बिहार में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से ऊपर बने हुए हैं। कई जिलों में तापमान 3 से 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। अगले एक सप्ताह तक शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। झारखंड में भी तापमान सामान्य से ऊपर है और आने वाले दिनों में इसमें और वृद्धि हो सकती है। कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाने की संभावना है, लेकिन व्यापक बारिश के आसार नहीं हैं।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 4 मार्च की रात से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ असर दिखा सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी संभव है, खासकर 10 हजार फीट से ऊपर के क्षेत्रों में। हालांकि यह सिस्टम ज्यादा मजबूत नहीं है, इसलिए भारी बर्फबारी की संभावना कम है। मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है।
पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। दक्षिण भारत में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर है। केरल और माहे में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है, जबकि तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह सकता है।
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मार्च की शुरुआत में ही तापमान का सामान्य से ऊपर पहुंचना इस बात का संकेत है कि इस बार गर्मी जल्दी और अधिक तीव्र हो सकती है। यदि पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहे और बारिश सीमित रही, तो उत्तर और मध्य भारत में लू जैसी स्थिति जल्दी बन सकती है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दिन में तेज धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं।