Aadhaar Authentication ने बनाया नया रिकॉर्ड… नवंबर में 8.47% बढ़कर हुए 231 करोड़ लेनदेन
Aadhaar Authentication Surge: नवंबर में आधार वेरिफिकेसन लेनदेन सालाना 8.47% बढ़कर 231 करोड़ हुए, जो डिजिटल भारत की बढ़ती स्वीकार्यता और फेस ऑथेंटिकेशन का रिकॉर्ड उपयोग दर्शाता है।
- Written By: प्रिया सिंह
नवंबर में आधार प्रमाणीकरण लेनदेन 8.47% बढ़ा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Aadhaar Transactions November 231 Cr: भारत की डिजिटल यात्रा में आधार एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। हाल ही में, आधार प्रमाणीकरण लेनदेन ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। नवंबर महीने के आंकड़े देश में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती पहुंच और स्वीकार्यता को मजबूती से दर्शाते हैं। यह वृद्धि न केवल सरकारी योजनाओं, बल्कि वित्तीय सेवाओं के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।
डिजिटल भारत की बढ़ती रफ्तार, नवंबर में आधार लेनदेन का नया रिकॉर्ड
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में आधार प्रमाणीकरण लेनदेन की संख्या ने नवंबर में एक नया रिकॉर्ड छू लिया है। नवंबर 2025 में कुल 231 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन लेनदेन दर्ज किए गए।
यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.47 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है। यह सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था कितनी तेजी से पैर जमा रही है और आधार का उपयोग अब जन-जन तक पहुंच चुका है।
यह उपलब्धि इस वित्तीय वर्ष के किसी भी अन्य महीने की तुलना में सबसे अधिक है। इससे पहले, अक्टूबर में यह संख्या 219.51 करोड़ थी। यह निरंतर वृद्धि स्पष्ट रूप से दिखाती है कि आधार, प्रभावी कल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण सूत्रधार की भूमिका निभा रहा है।
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फेस ऑथेंटिकेशन का बढ़ा चलन
आधार फेस ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशंस के उपयोग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जो सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रदान करता है। नवंबर के महीने में, लगभग 60 प्रतिशत डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी करने के लिए इसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया। यह विशेष रूप से पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा विकसित यह AI-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर आसानी से काम करती है। यह यूजर को केवल एक फेस स्कैन के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करने की अनुमति देती है, जिससे प्रक्रिया आसान और सुरक्षित हो जाती है। मंत्रालय के अनुसार, नवंबर 2025 में 28.29 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन लेनदेन किए गए, जो पिछले वर्ष के 12.04 करोड़ लेनदेन की तुलना में काफी अधिक है।
ई-केवाईसी (e-KYC) में भी दमदार उछाल
नवंबर 2025 में ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) लेनदेन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान 47.19 करोड़ ई-केवाईसी लेनदेन किए गए, जो नवंबर 2024 की तुलना में 24 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। आधार ई-केवाईसी सेवा ने बैंकिंग, गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने में एक उत्प्रेरक (catalyst) का काम किया है। यह सेवा व्यवसायों के लिए भी “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो रही है।
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ये सभी आंकड़े मिलकर इस बात की पुष्टि करते हैं कि आधार डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है, जो करोड़ों भारतीयों को विभिन्न सेवाओं तक आसानी से और सुरक्षित रूप से पहुंचने में मदद कर रहा है।
